लखनऊ। महिला आरक्षण विधेयक लोकसभा में पारित न होने के विरोध में मंगलवार को लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने ‘जन आक्रोश महिला पदयात्रा’ निकाली। इस पदयात्रा में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद महिलाओं के साथ पैदल शामिल हुए। उनके साथ करीब 15 हजार महिलाओं की भागीदारी बताई गई। कड़ी धूप के बावजूद बड़ी संख्या में महिलाओं की मौजूदगी को भाजपा ने जनसमर्थन का संकेत बताया। पदयात्रा की शुरुआत सीएम आवास से हुई और यह लगभग 2 किलोमीटर का सफर तय करते हुए विधानसभा तक पहुंची। इस दौरान सुरक्षा और व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा गया। गर्मी को देखते हुए रास्ते में जगह-जगह प्याऊ और एंबुलेंस की व्यवस्था की गई थी। रैली के समापन पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने सभा को संबोधित करते हुए विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की नीतियों के कारण बड़ी संख्या में महिलाओं का नुकसान हुआ है। उनके मुताबिक, महिलाओं के बीच इन दलों के प्रति गहरा असंतोष है, जो इस पदयात्रा में स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अपने संबोधन में विपक्षी दलों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का इतिहास महिलाओं के हितों के खिलाफ रहा है।

उन्होंने भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी को विपक्ष के खिलाफ जनभावना का प्रतीक बताया। योगी ने अपने भाषण में कहा कि देश में चार प्रमुख वर्ग हैं—महिला, गरीब, युवा और किसान—और सरकार इन सभी के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। इस पदयात्रा में राज्य सरकार के दोनों उपमुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्री, महिला मंत्री और गठबंधन दलों के नेता भी शामिल हुए। इनमें ओम प्रकाश राजभर और आशीष पटेल जैसे नेता प्रमुख रहे। माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने अपने संबोधन में विपक्ष की स्थिति की तुलना करते हुए तीखी टिप्पणी की और कहा कि महिलाओं को आरक्षण जाति के आधार पर नहीं दिया जा सकता। रैली में शामिल महिलाओं ने भाजपा के समर्थन में और विपक्ष के खिलाफ नारेबाजी भी की। “नारी के सम्मान में भाजपा मैदान में” जैसे नारों से माहौल गूंजता रहा। भाजपा संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को पारित कराने के लिए केंद्र सरकार ने प्रयास किए, लेकिन विपक्ष के सहयोग न मिलने के कारण यह संभव नहीं हो सका। उन्होंने इसे महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया और कहा कि पार्टी इस मुद्दे को जमीनी स्तर तक ले जाएगी। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस पदयात्रा को भाजपा के शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है, जिसमें महिला मतदाताओं को साधने का स्पष्ट प्रयास नजर आता है।
