रावतसर। भारतीय किसान संघ तहसील रावतसर की मासिक बैठक किसान विश्राम गृह में तहसील अध्यक्ष जयवीर गोदारा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने सरसों की तौल एवं लेब-नमी जांच के नाम पर हो रही कथित अनियमितताओं और किसानों के शोषण पर कड़ा विरोध जताया। साथ ही उपखंड अधिकारी को ज्ञापन देने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। बैठक को संभाग सदस्य प्रेम सिहाग, चतर सिंह रावतोत एवं जिला उपाध्यक्ष तेजपाल मटोरिया ने संबोधित किया। जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह सूडा ने कहा कि वर्तमान में धान मंडियों की कई समस्याएं किसानों की अपनी लापरवाही के कारण भी उत्पन्न हो रही हैं। उन्होंने कहा कि गीला और खराब गुणवत्ता का माल मंडी में लाने से व्यापारी मनमानी करते हैं। किसानों को अपने अधिकारों के लिए संगठित होकर आवाज उठानी होगी। बैठक के पश्चात किसान संघ ने उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर सरसों की तौल में अधिक वजन काटने वाले व्यापारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

संगठन ने बताया कि व्यापारी खाली वारदाने के वजन को लेकर भ्रम फैला रहे हैं, जबकि वर्ष 2022 में हुए समझौते के अनुसार 60 किलो भरती वाले खाली थैले का वजन 950 ग्राम निर्धारित किया गया था, जिसमें व्यापार मंडल की सहमति भी शामिल थी। संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि व्यापारी निर्धारित वजन के अनुसार तौल करें तो कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन कम वजन के थैले में अधिक कटौती स्वीकार्य नहीं होगी। इसके अलावा बैठक में दो बार लेब और दो बार नमी जांच किए जाने पर भी आपत्ति जताई गई। तहसील अध्यक्ष गोदारा ने कहा कि जब दूसरी लेब में कटौती कर किसानों को कम भाव दिया जाता है, तो लेब बढ़ने और नमी घटने की स्थिति में किसानों को उचित भुगतान क्यों नहीं किया जाता। किसान संघ के प्रतिनिधिमंडल ने थानाधिकारी रावतसर से भी मुलाकात कर क्षेत्र में बढ़ रहे नशा कारोबार पर सख्त कार्रवाई की मांग की। बैठक में सुरेंद्र स्वामी, ताराचंद उलानिया, प्रेम गोदारा, मदन गोपाल, अर्जुन सिंह, लालचंद स्वामी, विजयपाल सुथार, राजाराम गोरछिया, हनुमान पीलानिया, शिवराम सुथार, राजेंद्र नेहरा, महेंद्र भाखर, ओम पुनिया, रोहताश पुनिया, भंवरलाल सिहाग, मघाराम, हंसराज, समुंद्र सिंह, सुगनाराम, इंद्राज, मदन सिंह सहित अनेक किसान उपस्थित रहे।
