-भूजल स्तर गिरने पर विद्यार्थियों को किया जागरूक, जल बचाने का दिया संदेश
ऐलनाबाद। सी.आर.डी.ए.वी. गर्ल्स कॉलेज, ऐलनाबाद में विश्व जल दिवस के अवसर पर एनएसएस इकाई द्वारा एक दिवसीय जल संरक्षण जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कॉलेज के प्राचार्य डॉ. भूषण मोंगा के दिशा-निर्देश में तथा एनएसएस प्रोग्राम ऑफिसर दीपिका के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को जल संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक करना और उन्हें पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम की शुरुआत जल संरक्षण विषय पर विभिन्न गतिविधियों के साथ की गई। विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए अलग-अलग समितियों का गठन किया गया, जिन्होंने पूरे आयोजन को व्यवस्थित और सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें छात्राओं ने अपनी रचनात्मकता के माध्यम से जल संरक्षण का संदेश दिया। प्रतियोगिता में जश्मन, राजिंदर, नूरजहां और अर्शदीप (बी.कॉम द्वितीय वर्ष) ने आकर्षक और प्रभावशाली पोस्टर तैयार कर सभी का ध्यान जल संरक्षण की ओर आकर्षित किया। इसके साथ ही विद्यार्थियों ने जल संकट और इसके समाधान से संबंधित विचार भी साझा किए। बी.ए. तृतीय वर्ष के केसर और परदीप ने भूजल स्तर में लगातार हो रही गिरावट के कारणों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बढ़ती जनसंख्या, अनियंत्रित जल दोहन और वर्षा जल संचयन की कमी के कारण भूजल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है, जो भविष्य में गंभीर जल संकट का कारण बन सकता है। वहीं बी.ए. द्वितीय वर्ष की कोमल, रमन और प्रियंका ने जल संरक्षण के विभिन्न उपायों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने दैनिक जीवन में पानी के समझदारी से उपयोग, वर्षा जल संचयन, पानी की बर्बादी रोकने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति सजग रहने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कॉलेज के प्राचार्य डॉ. भूषण मोंगा ने कहा कि “जल ही जीवन है” और इसके बिना मानव जीवन की कल्पना संभव नहीं है। उन्होंने विद्यार्थियों को जल के महत्व को समझने और इसके संरक्षण के लिए जागरूक रहने का संदेश दिया। मैनेजमेंट सदस्य डॉली मेहता ने भी अपने संबोधन में जल संरक्षण के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज के समय में जल की बर्बादी एक गंभीर समस्या बन चुकी है और यदि समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं किया गया तो आने वाले समय में जल संकट और गहरा सकता है। इस अवसर पर सी.आर.डी.ए.वी. स्कूल के प्राचार्य कमल मेहता, कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर अर्जुन सिंह, किरनदीप कौर, सिमरनजीत कौर सहित अन्य स्टाफ सदस्य भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
