ऐलनाबाद। जिला पुलिस अधीक्षक दीपक सहारण ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और कुछ यूट्यूब चैनलों पर बच्चों के कथित रूप से गायब होने की वायरल खबरों का कड़े शब्दों में खंडन किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्राम पंचायतों के नाम से प्रसारित किए जा रहे पोस्टर व संदेश पूरी तरह फर्जी, भ्रामक और तथ्यहीन हैं। इनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है और इनका उद्देश्य केवल आमजन में भय व भ्रम फैलाना है। जिला पुलिस द्वारा जारी विशेष एडवाइजरी में बताया गया है कि कुछ असामाजिक तत्व जानबूझकर सोशल मीडिया के माध्यम से झूठी सूचनाएं फैला रहे हैं। ऐसे तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस साइबर सेल द्वारा विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की निरंतर निगरानी की जा रही है तथा भ्रामक सामग्री पोस्ट करने वालों को चिन्हित किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक ने आमजन से अपील की कि वे किसी भी अपुष्ट व आधारहीन सूचना पर विश्वास न करें और न ही उसे आगे साझा करें। किसी भी खबर की पुष्टि के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें। अफवाहें समाज में अनावश्यक दहशत पैदा करती हैं और कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बनती हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि बच्चों और आम नागरिकों की सुरक्षा जिला पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। गुमशुदगी के प्रत्येक मामले में संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है। लापता या अपहृत बच्चों की तलाश के लिए पुलिस प्रशासन 24×7 पूर्णतः प्रतिबद्ध है और हर सूचना पर तत्काल जांच की जाती है। जिला पुलिस ने नागरिकों से सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा कि यदि किसी क्षेत्र में कोई संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत नजदीकी पुलिस थाना या हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें। समय पर दी गई जानकारी किसी भी संभावित अप्रिय घटना को रोकने में सहायक हो सकती है। एसपी दीपक सहारण ने दो टूक कहा कि बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और उनके विरुद्ध सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पुनः स्पष्ट किया कि वर्तमान में बच्चों के सामूहिक रूप से गायब होने संबंधी प्रसारित सभी संदेश और पोस्टर पूरी तरह अफवाह हैं। नागरिकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। अंत में जिला पुलिस प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे सजग रहें, जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएं और सोशल मीडिया का उपयोग सोच-समझकर करें। जागरूकता और सतर्कता ही किसी भी संभावित खतरे को टालने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
