ऐलनाबाद। सिविल सर्जन कार्यालय की ओर से कथित झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई के निर्देशों वाला पत्र जारी होने के बाद आरएमपी चिकित्सकों में भारी रोष देखने को मिल रहा है। आयुर्वेदिक अनुभवी चिकित्सक समाज समिति के प्रदेशाध्यक्ष राजपाल वर्मा और जिला प्रधान कश्मीर सिंह करीवाला ने इस पत्र पर कड़ा ऐतराज जताते हुए इसे अस्पष्ट और एकतरफा करार दिया है। आरएमपी प्रतिनिधियों का कहना है कि बिना स्पष्ट और तय मापदंडों के सभी प्रैक्टिस कर रहे चिकित्सकों को एक ही श्रेणी में रखना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आरएमपी चिकित्सक वर्षों से ग्रामीण और दूर-दराज़ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं, जहां सरकारी सुविधाएं सीमित हैं। ऐसे क्षेत्रों में वे प्राथमिक उपचार के साथ-साथ जरूरतमंद मरीजों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराते हैं। संगठन का आरोप है कि इस तरह की एकतरफा कार्रवाई से ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। उन्होंने मांग की कि कार्रवाई से पहले यह स्पष्ट किया जाए कि किन मानकों के आधार पर चिकित्सकों की पहचान और जांच की जाएगी। साथ ही, आरएमपी चिकित्सकों को “झोलाछाप” की श्रेणी में न रखा जाए और किसी भी कार्रवाई से पूर्व नोटिस तथा सुनवाई का अवसर दिया जाए। प्रदेशाध्यक्ष राजपाल वर्मा ने चेतावनी दी कि यदि आरएमपी संगठन की बातों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो वे शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराएंगे और प्रशासन से इस निर्णय पर पुनर्विचार की अपील करेंगे।

