
हनुमानगढ़। जंक्शन धानमंडी के पास कचहरी रोड पर आसपास के दुकानदारों की ओर से दशमेश पिता गुरु गोबिंद सिंह जी के चारों साहिबजादों और माता गुजर कौर की अद्वितीय शहादत को नमन करते हुए लंगर लगाया गया। लंगर में राहगीरों को गर्म दूध के साथ भोजन ग्रहण करवाया गया। दुकानदारों ने राहगीरों को मान-मनुहार कर दूध पिलाने व भोजन वितरण की सेवा की। बलराज मान ने बताया कि लगातार दूसरे साल दुकानदारों ने मिलकर आपसी सहयोग से लंगर लगाया है। उन्होंने बताया कि दशम पातशाह गुरु गोबिंद सिंह जी ने सरबत के भले के लिए अपना परिवार ही वार दिया। पूरे परिवार ने हिंदुओं की रक्षा के लिए कुर्बानी दी। बाबा जोरावर सिंह, बाबा फतेह सिंह, बाबा अजीत सिंह और बाबा जुझार सिंह की शहादत सिख धर्म के गौरवपूर्ण इतिहास का प्रतीक है। विशेष रूप से छोटे साहिबजादों को ठंडे बुर्ज में रखकर दी गई यातनाओं और सरहिंद की दीवारों में चिनवाए जाने के इतिहास को याद कर संगत भावुक हो जाती है। इस शहादत को आने वाले युगों-युगों तक नहीं भुलाया जा सकता। हमें अपने बच्चों को साहिबजादों की शहादत के बारे में बताना चाहिए।

इसी क्रम में गुरुनानक टैक्सी स्टैण्ड यूनियन के सदस्यों ने शनिवार को साहिबजादों की याद में गर्म दूध का लंगर लगाया। लंगर सेवा सुबह से शाम तक निरंतर जारी रही। इस दौरान तरसेम सिंह, जीत सिंह सहित अन्य ने सेवाएं दी।
