गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गोरखपुर में भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस कार्यक्रम में बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि प्रदेश में जहां भी बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित है, वहां उसके ऊपर छत्र लगाया जाएगा। साथ ही सदगुरु रविदास और महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमाओं का भी सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन महापुरुषों के सम्मान और उनकी विरासत को संरक्षित करने के लिए राज्य सरकार व्यापक स्तर पर काम करेगी। रामलीला मैदान में आयोजित कार्यक्रम में भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 14 अप्रैल को संविधान निर्माता बी. आर. अंबेडकर की जयंती पूरे प्रदेश में विशेष रूप से मनाई जाएगी। इसके लिए पार्टी ने बूथ स्तर तक कार्यक्रम तय किए हैं। उन्होंने बताया कि जयंती से एक दिन पहले भाजपा कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्र में स्थापित अंबेडकर प्रतिमाओं के आसपास साफ-सफाई करेंगे और 14 अप्रैल को प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन पार्कों में बाबा साहब की प्रतिमाएं लगी हैं, वहां बाउंड्रीवाल बनाने और सौंदर्यीकरण का कार्य भी शुरू कराया जाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे इन कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और इसकी तस्वीरें व सेल्फी पार्टी संगठन तक पहुंचाएं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में तीन अलग-अलग कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। सबसे पहले उन्होंने गोरखनाथ मंदिर परिसर में भाजपा का झंडा फहराया और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने गोरखपुर प्रेस क्लब की नई कार्यकारिणी के नौ सदस्यों को शपथ दिलाई। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ सेल्फी भी ली। कार्यक्रम के अगले चरण में मुख्यमंत्री ने डॉ. तेज प्रताप शाही कंप्यूटर लैब एंड रिसर्च सेंटर का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने शिक्षाविद और समाजसेवी रहे तेज प्रताप शाही को याद करते हुए भावुक क्षण साझा किए। मुख्यमंत्री ने बताया कि डॉ. शाही से उनकी आखिरी मुलाकात कोरोना काल के दौरान हुई थी। उन्होंने कहा कि डॉ. शाही शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले व्यक्तित्व थे और गोरखपुर के विकास के लिए हमेशा सक्रिय रहे। मुख्यमंत्री ने रुंधे गले से कहा कि डॉ. शाही का जाना समाज के लिए बड़ी क्षति है। गौरतलब है कि डॉ. तेज प्रताप शाही गोरखपुर के प्रतिष्ठित शिक्षाविद थे और कांग्रेस के जिलाध्यक्ष भी रह चुके थे। जुलाई 2020 में कोरोना संक्रमण के कारण उनका निधन हो गया था। राजनीतिक दृष्टि से मुख्यमंत्री का यह ऐलान अहम माना जा रहा है। प्रदेश में दलित समाज को लेकर राजनीतिक दलों के बीच सक्रियता बढ़ी हुई है। हाल के दिनों में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस द्वारा कांशीराम, जगजीवन राम और अंबेडकर जयंती जैसे आयोजनों के जरिए दलित वर्ग तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। ऐसे में मुख्यमंत्री का यह बयान आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों के मद्देनजर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उत्तर प्रदेश में दलित मतदाताओं की संख्या करीब 21 प्रतिशत बताई जाती है, जो चुनावी समीकरणों में निर्णायक भूमिका निभा सकती है। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश में स्वच्छता का अभियान केवल भौतिक रूप से ही नहीं बल्कि राजनीतिक स्तर पर भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार गंदगी बीमारियों को जन्म देती है, उसी प्रकार राजनीतिक गंदगी भी समाज और व्यवस्था को बीमार कर देती है। इसलिए इसे साफ करने के लिए भी अभियान चलाने की जरूरत है।मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने हमेशा अपने वादों को पूरा किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने जो कहा, उसे करके दिखाया है। बिना किसी भेदभाव के सभी वर्गों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार किसी की जाति या क्षेत्र नहीं देखती, बल्कि सभी नागरिकों के हित में काम करती है। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि कश्मीर से धारा 370 हटाकर पूरे देश में एक संविधान लागू किया गया। उन्होंने कहा कि वर्षों पहले अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी के नेतृत्व में राम मंदिर निर्माण का जो संकल्प लिया गया था, उसे भी पूरा किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा एक ऐसा संगठन है जिसने अनेक चुनौतियों का सामना करते हुए अपनी पहचान बनाई है।
