ऐलनाबाद। प्रदेश में बागवानी को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से उद्यान विभाग विभिन्न योजनाओं के तहत किसानों को अनुदान सुविधा प्रदान कर रहा है। इन योजनाओं के माध्यम से किसानों को फसल विविधीकरण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे वे पारंपरिक खेती के साथ-साथ फल बागवानी अपनाकर बेहतर आय प्राप्त कर सकें। उद्यान विभाग के अनुसार फलदार पौधों के बाग लगाने पर किसानों को प्रति एकड़ 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। यह अनुदान विभिन्न श्रेणियों के अनुसार 24,500 रुपये से लेकर 50,000 रुपये प्रति एकड़ तक निर्धारित किया गया है। इस योजना के तहत आम, लीची, अमरूद, अनार, आंवला, नाशपाती और बेर सहित कई फलों की खेती को शामिल किया गया है। अनुदान की अधिकतम सीमा 5 एकड़ तक तय की गई है और राशि दो किस्तों में प्रदान की जाएगी। इसके अलावा पौधों की बेहतर वृद्धि और पानी की बचत के लिए टपका (ड्रिप) सिंचाई प्रणाली लगाने पर भी किसानों को 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। इस योजना के तहत किसानों को प्रति एकड़ अधिकतम 70 हजार रुपये तक की सहायता दी जाएगी। वहीं टिश्यू कल्चर तकनीक से तैयार खजूर के पौधों की खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को 70 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान किया गया है, जिससे किसान आधुनिक बागवानी की ओर आकर्षित हो सकें। जिला उद्यान अधिकारी दीन मोहम्मद ने बताया कि विभाग का मुख्य उद्देश्य किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ बागवानी अपनाने के लिए प्रेरित करना है, ताकि उनकी आय में बढ़ोतरी हो सके। विभाग द्वारा किसानों को बागवानी संबंधी तकनीकी मार्गदर्शन और प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे विभाग की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाकर आधुनिक खेती अपनाएं और अपनी आय को बढ़ाएं।
संवाददाता- रमेश भार्गव
