श्रीगंगानगर। चोरी और गुमशुदा मोबाइल फोन की बरामदगी में श्रीगंगानगर जिला पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर करीब 35 लाख रुपये मूल्य के 138 मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिन्हें उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया गया। जिला पुलिस अधीक्षक हरी शंकर ने बताया कि गुमशुदा और चोरी हुए मोबाइलों की तलाश के लिए 12 मार्च 2026 से सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से विशेष अभियान शुरू किया गया था। इस अभियान के तहत पुलिस टीमों ने तकनीकी सहायता से मोबाइल फोन को ट्रैक कर विभिन्न स्थानों से बरामद किया। खास बात यह रही कि बरामद मोबाइल केवल श्रीगंगानगर जिले तक सीमित नहीं थे, बल्कि इन्हें उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के विभिन्न जिलों से ट्रेस किया गया।

पुलिस की इस कार्रवाई ने अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय मोबाइल चोर गिरोहों की गतिविधियों पर भी अंकुश लगाने का काम किया है। बुधवार को रिजर्व पुलिस लाइन, श्रीगंगानगर में आयोजित एक कार्यक्रम में इन सभी मोबाइल फोन को उनके असली मालिकों को विधिवत लौटाया गया। लंबे समय बाद अपना मोबाइल वापस मिलने पर लोगों के चेहरों पर खुशी साफ नजर आई और उन्होंने पुलिस की इस पहल की सराहना की। इस अभियान में कई पुलिसकर्मियों की अहम भूमिका रही। थाना कोतवाली के कॉन्स्टेबल सुशील कुमार ने सबसे अधिक 26 मोबाइल बरामद किए, जबकि जवाहरनगर के सोहनलाल ने 25 मोबाइल ट्रेस किए। घड़साना के राजेश ने 16 मोबाइल, वहीं पुरानी आबादी के अनिल, सादुलशहर के दीपक, अनूपगढ़ के राजेंद्र और श्रीकरणपुर के महावीर ने 10-10 मोबाइल बरामद कर उल्लेखनीय योगदान दिया। एसपी हरी शंकर ने आमजन से अपील की है कि यदि उनका मोबाइल गुम हो जाए या चोरी हो जाए तो वे तुरंत सीईआईआर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। उन्होंने कहा कि समय पर दी गई सूचना से मोबाइल ट्रेस करने में काफी मदद मिलती है और पुलिस आपकी संपत्ति वापस दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करती है। पुलिस की इस कार्रवाई से न केवल लोगों का विश्वास बढ़ा है, बल्कि अपराधियों के खिलाफ एक सख्त संदेश भी गया है कि तकनीक के जरिए अब चोरी के मामलों में बचना आसान नहीं है।
