हनुमानगढ़। फर्जी विवाह का झांसा देकर रुपए और जेवरात हड़पने के आरोप में न्यायालय के आदेश पर भादरा थाना पुलिस ने चार जनों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। परिवादी रमेश कुमार (38) पुत्र भूपसिंह निवासी राजपुरा (जोड़कियाबास) तहसील भादरा ने अदालत में इस्तगासा प्रस्तुत कर बताया कि वह तलाकशुदा है और उसकी एक पुत्री आरजू है, जो उसके साथ रहती है। उसके परिचित मनीष पुत्र विनोद गुसाईं निवासी सरदारपुराबास (डोबीबास) के माध्यम से उसकी दूसरी शादी की बातचीत शुरू हुई। परिवादी के अनुसार जनवरी 2025 में गांव मालासर निवासी माईलाल, रणवीर निवासी बीकानेर और कुलदीप कौर निवासी सर्दुलगढ़, पंजाब उसके घर आए और बताया कि प्रीत कौर नामक लड़की गरीब परिवार से है तथा उसकी शादी करवाई जा सकती है। इसके बाद आरोपियों ने प्रीत कौर को भादरा लाकर परिवादी व उसकी माता से मिलवाया। बाद में शादी के खर्च और कपड़ों के नाम पर 1 लाख 90 हजार रुपए की मांग की गई। परिवादी के परिवार ने विश्वास में आकर 1 लाख रुपए नकद तथा बाद में 90 हजार रुपए और दे दिए। 19 फरवरी 2025 को परिवादी अपनी माता गुड्डी, भाई रवि, मनीष व अन्य रिश्तेदारों के साथ सर्दुलगढ़, पंजाब पहुंचा, जहां कुलदीप कौर के घर से उन्हें एक मंदिर ले जाया गया। वहीं कथित रूप से दूल्हा-दुल्हन की रस्में कराकर विवाह संपन्न करवाया गया। इस दौरान प्रीत कौर को करीब 3 तोला सोने के जेवरात भी पहनाए गए। शादी के बाद प्रीत कौर परिवादी के साथ रहने लगी, लेकिन वह लगातार फोन पर अज्ञात लोगों से बात करती थी और व्यवहार ठीक नहीं था। करीब 15 दिन बाद उसने अपनी मां की तबीयत खराब होने का बहाना बनाकर उसे बरनाला, पंजाब ले जाने को कहा। वहां बस अड्डे पर छोड़कर वह वापस जाने की बात कहकर चली गई, जिसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। परिवादी ने बताया कि इसके बाद जब उसने घर में सामान चैक किया तो अलमारी से 3 तोला सोना और 17 हजार 500 रुपए नकद गायब मिले। पूछताछ करने पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। बाद में जानकारी मिली कि प्रीत कौर पहले से विवाहित है और उसके पति का नाम अमरजीत मिग है। परिवादी का आरोप है कि माइलाल, रणवीर, कुलदीप कौर और प्रीत कौर ने आपसी मिलीभगत कर शादी का झूठा झांसा दिया और साजिश के तहत 1.90 लाख रुपए, सोने के जेवरात व नकदी हड़प ली। परिवादी ने यह भी बताया कि 8 मार्च 2026 को मनीष के घर पंचायत हुई, जिसमें आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने शादी का झांसा देकर रुपए हड़पने की योजना बनाई थी और अब कोई संबंध नहीं रहेगा, साथ ही धमकी दी कि दोबारा संपर्क करने पर झूठे केस में फंसाया जाएगा। अदालत के आदेश पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच उपनिरीक्षक साहबराम को सौंपी है।
