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– पटवारी की एंट्री में त्रुटि से 350 क्विंटल का टोकन घटकर 64 क्विंटल, किसान ने प्रशासन से लगाई गुहार
हनुमानगढ़। ग्राम पंचायत मक्कासर के किसान ओम स्वामी को गिरदावरी में हुई गड़बड़ी के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उसकी फसल मंडी में होने के बावजूद रिकॉर्ड में दर्ज नहीं होने से एमएसपी पर बिक्री अटक गई है, जिससे किसान आर्थिक संकट में घिर गया है। किसान ओम स्वामी ने बताया कि उसने 15 बीघा भूमि ठेके पर ले रखी है, जबकि चक 4 एसटीजी, मक्कासर में 5 बीघा जमीन खुद के नाम पर है। अपनी जमीन की गिरदावरी तो सही दर्ज है, लेकिन ठेके पर ली गई भूमि में पटवारी की ओर से गिरदावरी में बिजांत शून्य दर्ज कर दिया गया, यानी उस खेत में कोई फसल नहीं दिखाई गई। जबकि हकीकत में उस भूमि पर गेहूं की बुवाई की गई, फसल काटी गई और मंडी में भी लाई गई है। स्वामी ने बताया कि जब वे फसल बेचने के लिए स्लॉट बुक करवाने पहुंचा तो पहले 350 क्विंटल गेहूं का टोकन जारी हुआ, लेकिन बाद में यह घटकर मात्र 64 क्विंटल रह गया। कारण यह बताया गया कि उसके नाम पर दर्ज 5 बीघा भूमि में से एक बीघा में प्याज है और शेष 4 बीघा के आधार पर ही गेहूं की मात्रा दर्ज की गई। किसान ने बताया कि ठेके की जमीन का गेहूं पिछले तीन दिनों से मंडी में पड़ा है, लेकिन गिरदावरी में दर्ज नहीं होने के कारण उसकी तुलाई नहीं हो पा रही है। गिरदावरी संशोधन के लिए वह लगातार कार्यालयों के चक्कर काट रहा है। मंडी समिति सचिव से मिलने पर उन्हें जिला रसद अधिकारी के पास भेजा गया, लेकिन वहां भी समाधान नहीं मिला। ओम स्वामी ने इस स्थिति के लिए पटवारी को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि यदि समय रहते गिरदावरी में सुधार नहीं हुआ तो उसकी फसल एमएसपी पर नहीं बिक पाएगी। ऐसे में उसे मजबूरन निजी व्यापारियों को कम कीमत पर गेहूं बेचना पड़ेगा, जिससे लागत भी नहीं निकल पाएगी और लाखों रुपए का नुकसान होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उसकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो जाएगी और उसे कठोर कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ सकता है। साथ ही बताया कि क्षेत्र के कई अन्य किसान भी इसी तरह की समस्या से जूझ रहे हैं और समाधान की आस में भटक रहे हैं। किसान ने प्रशासन से मांग की है कि पोर्टल को शीघ्र चालू करवाकर गिरदावरी में सुधार किया जाए, ताकि उनकी फसल का एमएसपी पर समय पर बेचान हो सके।
