हनुमानगढ़। घर के एकमात्र कमाने वाले के आकस्मिक निधन के बाद जब परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, तब समाजसेवा की भावना ने मानवता की मिसाल पेश की। हनुमानगढ़ जिले के 2 केएनजे क्षेत्र निवासी एक परिवार, जिसमें पत्नी सीमा, वृद्ध माता, तीन बेटियां और मात्र तीन माह का एक बेटा शामिल हैं, आजीविका के अभाव में कठिन परिस्थितियों से गुजर रहा था। ठंड के मौसम में परिवार की स्थिति और भी दयनीय हो गई थी। ऐसे समय में समाजसेवी राजेश दादरी एवं महक गर्ग पीड़ित परिवार की सहायता के लिए आगे आए और उन्हें आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध करवाई। समाजसेवियों ने बच्चों के लिए गर्म कंबल, पहनने के कपड़े, गर्म जुराबें, जूते, खिलौने, टिफिन, पानी की बोतल तथा पाठ्य सामग्री वितरित की। इसके साथ ही परिवार की सबसे छोटी बेटी अरमान के नाम से सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत बैंक खाता भी खुलवाया गया, ताकि भविष्य में उसकी शिक्षा और सुरक्षित जीवन की दिशा में मजबूत कदम उठाया जा सके।

मामले के अनुसार सीमा के पति का देहांत मुह के कैसर से ईलाज के दौरान हो गया था। इलाज के दौरान सीमा ने अपने मकान को बेचकर अपने पति का इलाज करवाया, परन्तु फिर भी सीमा का पति नही बच पाया। और पति के देहांत के एक माह बाद सीमा के बेटा हुआ। पूरे परिवार को पालने के जिम्मेदारी सीमा की है। इस दौरान प्रशासन व ग्रामीणों के सहयोग से 2 केएनजे में जगह मिली और समाजसेवियों के सहयोग से घर बनवाया गया। कमाने वाले के देहांत के बाद घर चलाना एक चुनौती की परिस्थिति सीमा के सामने है। इस बीच लोग सीमा व उनकी बेटियों और परिवार की सहायता के लिए आगे आ रहे है। आज समाजसेवी राजेश दादरी व महक गर्ग ने सीमा के परिवार का अपने स्तर पर सहयोग किया। समाजसेवी राजेश दादरी ने कहा कि उन्हें जैसे ही इस परिवार की स्थिति की जानकारी मिली, वे स्वयं मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि समाज का यह दायित्व है कि संकट की घड़ी में जरूरतमंद परिवारों का हरसंभव सहयोग किया जाए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आगे भी इस परिवार की सहायता के लिए वे सदैव तत्पर रहेंगे। महक गर्ग ने कहा कि बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर सहयोग करना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा के क्षेत्र में बेटियों को सशक्त बनाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है, और इसके लिए वे आगे भी प्रयास करती रहेंगी। इस दौरान 2 केएनजे निवासी रणवीर सिहाग एवं शेर सिंह शाक्य ने समाजसेवी राजेश दादरी के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि बेटियों को गोद लेकर सुकन्या खाते खुलवाना, शिक्षा को बढ़ावा देना और ठंड के मौसम में गर्म जूतों व कपड़ों का वितरण करना अत्यंत प्रशंसनीय कार्य है। उन्होंने समाज के अन्य लोगों से भी ऐसे कार्यों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। पीड़ित परिवार की ओर से इस सहयोग के लिए समाजसेवियों का आभार व्यक्त किया गया। कठिन समय में मिली यह सहायता न केवल आर्थिक राहत है, बल्कि परिवार के लिए एक नई उम्मीद और भरोसे का संबल भी है।

