– हनुमानगढ़ में 300 से अधिक खाद विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों का होगा निरीक्षण, डीएपी-यूरिया के स्टॉक और पिछले छह माह के कारोबार का जुटाया जा रहा ब्योरा
हनुमानगढ़। किसानों की बुवाई के सीजन में डीएपी और यूरिया की बढ़ती मांग को देखते हुए कृषि विभाग ने जिले में फर्टिलाइजर लाइसेंसधारियों के प्रतिष्ठानों की जांच का विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत खाद विक्रेताओं के पास उपलब्ध स्टॉक, पिछले छह माह के कारोबार और लाइसेंस की स्थिति की पड़ताल की जा रही है। विभाग का प्रयास है कि जिले के सभी खाद डीलरों का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का पता लगाया जाए, ताकि किसानों को खाद की उपलब्धता की सही जानकारी मिल सके और किसी प्रकार की अनियमितता की गुंजाइश न रहे। डिप्टी डायरेक्टर उद्यान हनुमानगढ़ डॉ. रमेश चन्द्र बराला ने बताया कि जिले में 300 से अधिक फर्टिलाइजर लाइसेंसधारी हैं। विभाग यह पता लगा रहा है कि इनमें से कितने डीलर सक्रिय रूप से कारोबार कर रहे हैं और कितने लाइसेंस लेने के बावजूद काम नहीं कर रहे। सक्रिय डीलरों के पास वर्तमान में कितना यूरिया और डीएपी उपलब्ध है तथा पिछले छह माह में उनके पास कितना स्टॉक था, इसका रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है। उन्होंने बताया कि अगले दो-तीन दिनों में जिले के सभी खाद विक्रेताओं का निरीक्षण करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि वास्तविक स्थिति का आकलन कर राज्य सरकार को रिपोर्ट भेजी जा सके। यह विशेष अभियान करीब एक सप्ताह तक और चलेगा। जांच से निष्क्रिय डीलरों की पहचान करने में भी मदद मिलेगी। ऐसे लाइसेंस, जिनके धारक कारोबार नहीं कर रहे हैं, उन्हें नियमानुसार कार्रवाई के दायरे में लाने का प्रयास किया जाएगा, जबकि सक्रिय डीलरों के वास्तविक स्टॉक और कारोबार का ब्योरा सामने आएगा।
2022 के बाद लाइसेंस ऑनलाइन करवाना जरूरी
डॉ. बराला ने बताया कि जिन डीलरों ने अभी तक अपना लाइसेंस ऑनलाइन नहीं करवाया है, वे जल्द ऑनलाइन आवेदन करें। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 के बाद लाइसेंस ऑनलाइन करवाने की प्रक्रिया लागू की गई थी। इसके बावजूद यदि कोई डीलर इस प्रक्रिया से वंचित है, तो उसे अपना लाइसेंस ऑनलाइन करवाना चाहिए। उन्होंने खाद विक्रेताओं से यह भी अपील की कि किसानों को खाद के उपलब्ध स्टॉक की सही जानकारी दें। डीलर स्पष्ट बताएं कि उनके पास कितना खाद आया था और वर्तमान में कितना उपलब्ध है, ताकि किसानों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े और उन्हें खाद की स्थिति जानने के लिए बार-बार विभाग के चक्कर नहीं लगाने पड़ें।
अब तक की जांच में नहीं मिली अनियमितता
डॉ. बराला ने बताया कि अब तक की गई जांच में किसी प्रकार की अनियमितता सामने नहीं आई है। विभाग का उद्देश्य सभी लाइसेंसधारियों का निरीक्षण कर खाद की उपलब्धता और वितरण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करना है, ताकि बुवाई के समय किसानों को खाद संबंधी समस्याओं का सामना न करना पड़े।
