-लालच में न आएं, केवल मान्यता प्राप्त संस्थानों के माध्यम से ही करें निवेश : एसपी
ऐलनाबाद। आधुनिक तकनीक और डिजिटल लेनदेन के बढ़ते दौर में क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर साइबर ठगी के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। इसी को लेकर सिरसा पुलिस अधीक्षक (एसपी) दीपक सहारण ने आम नागरिकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी करते हुए लोगों से सतर्क और जागरूक रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लोग केवल विश्वसनीय एवं सरकारी मान्यता प्राप्त वित्तीय संस्थानों के माध्यम से ही निवेश करें, ताकि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी से बचा जा सके। एसपी दीपक सहारण ने बताया कि वर्तमान समय में साइबर अपराधी लोगों को कम समय में अधिक मुनाफा दिलाने का लालच देकर उन्हें अपने जाल में फंसा रहे हैं। विशेष रूप से बिटकॉइन और अन्य क्रिप्टो करेंसी में निवेश का झांसा देकर ठगी की घटनाएं सामने आ रही हैं। साइबर ठग आमतौर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, व्हाट्सएप, टेलीग्राम, फर्जी वेबसाइटों और मोबाइल एप्लीकेशनों के माध्यम से लोगों से संपर्क करते हैं और खुद को किसी अंतरराष्ट्रीय कंपनी का प्रतिनिधि या क्रिप्टो निवेश विशेषज्ञ बताकर लोगों का विश्वास जीतने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि ठग पहले लोगों को निवेश से जुड़ा एक लिंक भेजते हैं और उन्हें एक प्लेटफॉर्म पर निवेश करने के लिए प्रेरित करते हैं। शुरुआती दौर में निवेशकों को छोटे-छोटे मुनाफे दिखाकर उनका भरोसा जीत लिया जाता है। जब निवेशक अधिक राशि निवेश कर देता है तो अचानक ठग संपर्क बंद कर देते हैं और पूरा पैसा हड़प लेते हैं। इस प्रकार की ठगी से कई लोग अपनी जीवन भर की जमा पूंजी गंवा चुके हैं। एसपी ने बताया कि कई मामलों में साइबर अपराधी फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म तैयार कर लेते हैं और निवेशकों को लॉगिन आईडी तथा पासवर्ड उपलब्ध कराते हैं। इन प्लेटफॉर्म पर नकली आंकड़े दिखाए जाते हैं जिससे निवेशकों को लगता है कि उनका पैसा तेजी से बढ़ रहा है। लेकिन जब निवेशक पैसे की निकासी करना चाहता है तो उससे टैक्स, प्रोसेसिंग फीस या वेरिफिकेशन शुल्क जैसे अलग-अलग बहाने बनाकर और पैसे जमा कराने की मांग की जाती है। इस तरह धीरे-धीरे ठग बड़ी रकम ऐंठ लेते हैं। एसपी दीपक सहारण ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति या सोशल मीडिया ग्रुप की सलाह पर निवेश करने से बचें। यदि कोई व्यक्ति या संस्था कम समय में निश्चित और अत्यधिक मुनाफा देने का दावा करती है, तो समझ लें कि यह धोखाधड़ी का संकेत हो सकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी वेबसाइट या मोबाइल एप पर निवेश करने से पहले उसकी विश्वसनीयता और प्रामाणिकता की अच्छी तरह जांच अवश्य करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी वैध निवेश में कुछ न कुछ जोखिम जरूर होता है और कोई भी वित्तीय संस्था निश्चित लाभ की गारंटी नहीं देती। इसलिए लालच में आकर जल्दबाजी में निवेश करने से बचना चाहिए। इसके अलावा, अपने बैंक खाते की जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड या अन्य निजी विवरण किसी भी व्यक्ति के साथ साझा नहीं करना चाहिए। एसपी ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के साथ क्रिप्टो करेंसी या ऑनलाइन निवेश के नाम पर धोखाधड़ी होती है तो उसे तुरंत साइबर अपराध पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करना चाहिए। समय पर शिकायत करने से ठगी की राशि को वापस दिलाने की संभावना बढ़ जाती है और अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई संभव हो पाती है। अंत में उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे स्वयं जागरूक रहें और अपने परिवार, मित्रों तथा परिचितों को भी इस प्रकार की साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क करें। किसी भी संदिग्ध कॉल, संदेश या ऑनलाइन निवेश प्रस्ताव की जानकारी तुरंत संबंधित पुलिस को दें। उन्होंने कहा कि आमजन की सतर्कता और जागरूकता ही साइबर अपराध पर अंकुश लगाने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
संवाददाता- रमेश भार्गव
