– इंडस्ट्रियल एरिया की फैक्ट्रियों से धुआं, जहरीला पानी और खुले में अपशिष्ट डालने का आरोप- कार्रवाई नहीं होने पर चक्का जाम की चेतावनी
हनुमानगढ़। औद्योगिक क्षेत्र के फर्स्ट फेज में संचालित कारखानों से कथित प्रदूषण को लेकर भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) कार्यकर्ताओं ने सोमवार को राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के क्षेत्रीय कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया। इसके बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आरओ को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि इंडस्ट्रियल एरिया के नजदीक खुन्जा के वार्ड संख्या 1, 2, 3 और 4 में बड़ी आबादी निवास करती है तथा फैक्ट्रियों से निकलने वाला धुआं और अन्य प्रदूषक तत्व आबादी क्षेत्र तक पहुंच रहे हैं। औद्योगिक क्षेत्र में पीओपी, काली इंडिया तथा कुछ खतरनाक रसायनों से संबंधित फैक्ट्रियां संचालित हैं। इनमें कई फैक्ट्रियों की चिमनियां निर्धारित ऊंचाई से कम होने के कारण धुआं आसपास के आबादी क्षेत्र में फैल रहा है। इससे लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। माकपा नेता शेरसिंह शाक्य ने कहा कि बार-बार शिकायतों के बावजूद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने खड़गावत फैक्ट्री, रामा उद्योग और तुषार उद्योग सहित हाइवे के आसपास स्थित फैक्ट्रियों से निकलने वाले धुएं का भी मुद्दा उठाया और कहा कि वाहनों की आवाजाही के दौरान क्षेत्र में धुआं इतना अधिक फैल जाता है कि सड़क पर दृश्यता प्रभावित होती है। इससे दुर्घटनाओं की स्थिति बनने और पूर्व में हादसों में कई लोगों की मौत हो चुकी है। ज्ञापन में फैक्ट्रियों से निकलने वाले पानी के निस्तारण पर भी सवाल उठाए गए। आरोप लगाया गया कि कुछ फैक्ट्रियों का पानी नियमानुसार साफ किए बिना बाहर छोड़ा जा रहा है, जिससे आसपास के पेड़-पौधों को नुकसान पहुंच रहा है। साथ ही रासायनिक पदार्थ और औद्योगिक अपशिष्ट खुले में डाले जाने का आरोप लगाते हुए कहा गया कि हवा के साथ यह अपशिष्ट आबादी तक पहुंच रहा है। माकपा ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जानकारी मांगी कि अब तक कितनी फैक्ट्रियों को नोटिस जारी किए गए हैं, कितनी फैक्ट्रियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है तथा कितनी फैक्ट्रियों से पानी को नियमानुसार शुद्ध कर बाहर निकाला जा रहा है। पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि मामले में कार्रवाई नहीं की गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर चक्का जाम या सड़क जाम जैसा कदम उठाया जाएगा। इस मौके पर रामेश्वर वर्मा, आत्मासिंह, हैप्पीसिंह, बहादुर सिंह चौहान, वारस अली, बसंत सिंह सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
