– यौन उत्पीड़न रोकथाम और दहेज निषेध कानून पर कानूनी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
हनुमानगढ़। टाउन स्थित राजकीय नेहरू मेमोरियल स्नातकोत्तर महाविद्यालय में मंगलवार को कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 तथा दहेज निषेध अधिनियम को लेकर कानूनी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्राचार्य प्रो. रामपाल अहरोदिया की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने छात्र-छात्राओं को कानूनी अधिकारों और सुरक्षा प्रावधानों की जानकारी दी। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता अधिवक्ता एवं शिक्षाविद् डॉ. सुचेता जैन ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को कार्यस्थल पर गरिमापूर्ण और सुरक्षित वातावरण में काम करने का अधिकार है। उन्होंने कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम, निषेध और निवारण अधिनियम, 2013 के कानूनी प्रावधानों को सरल भाषा में समझाया। साथ ही बताया कि इस अधिनियम के तहत किस प्रकार की शिकायतों का निवारण किया जाता है। डॉ. जैन ने महाविद्यालय में गठित आंतरिक शिकायत समिति की कार्यप्रणाली की जानकारी देते हुए छात्राओं को किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार के खिलाफ बिना डर आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित करने के लिए कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की आवश्यकता पर जोर दिया। इसी क्रम में पंकज मिश्रा ने दहेज निषेध अधिनियम के बारे में जानकारी दी। उन्होंने समाज में व्याप्त दहेज प्रथा की कुरीतियों पर प्रहार करते हुए छात्राओं को इस कानून के तहत उपलब्ध अधिकारों और सुरक्षा संबंधी प्रावधानों से अवगत करवाया। उन्होंने दहेज प्रथा जैसी सामाजिक बुराई के उन्मूलन के लिए जागरूकता को आवश्यक बताया। कार्यक्रम में डॉ. अर्चना गोदारा, डॉ. शिशुपाल, डॉ. राजकुमार, जयप्रकाश, भागवंती, धोलूराम, कृति गोयल, ममता सहित महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
