जीवननगर में होला मोहल्ला में पहुंचे मुख्यमंत्री, नामधारी समाज के बलिदानों को किया नमन
ऐलनाबाद। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को सिरसा जिले के जीवननगर स्थित नामधारी गुरुद्वारा में आयोजित भव्य होला मोहल्ला कार्यक्रम में शिरकत की और संत समाज का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर देश-विदेश से बड़ी संख्या में पहुंचे नामधारी श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नामधारी समाज का इतिहास त्याग, तपस्या, बलिदान और देशभक्ति की प्रेरणादायक गाथाओं से भरा हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पावन स्थल पर आयोजित गौरवशाली पर्व होला मोहल्ला के अवसर पर संगत के बीच आकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता का अनुभव हो रहा है। उन्होंने संत दिलीप सिंह जी महाराज के चरणों में नमन करते हुए कहा कि संत समाज प्रेम, सेवा, भाईचारे और आध्यात्मिक मूल्यों के माध्यम से समाज को जोड़ने का महान कार्य कर रहा है।

सिरसा की पावन धरती संतों की तपोभूमि
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सिरसा की पावन धरती सदियों से संतों और महापुरुषों की तपोभूमि रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1507 में प्रथम पातशाही श्री गुरु नानक देव जी के चरण इसी धरती पर पड़े थे। उनकी शिक्षाओं को आगे बढ़ाने के लिए यहां गुरुद्वारा श्री चिल्ला साहिब की स्थापना की गई, जो आज भी श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। उन्होंने कहा कि बाबा सरसाईं नाथ, बाबा भूमण शाह सहित अनेक संतों ने इसी भूमि से आध्यात्मिकता, सेवा और मानवता का संदेश दिया। इन महान संतों की शिक्षाएं आज भी समाज को सही दिशा प्रदान कर रही हैं और लोगों को सद्भाव तथा सेवा के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करती हैं।
होला मोहल्ला वीरता और भक्ति का प्रतीक
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि होला मोहल्ला केवल एक उत्सव नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति, वीरता और आध्यात्मिक परंपरा का जीवंत प्रतीक है। यह पर्व समाज को साहस, अनुशासन और भक्ति का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि यह उत्सव केवल रंगों का त्योहार नहीं बल्कि अन्याय के खिलाफ खड़े होने के संकल्प और पुरुषार्थ का प्रतीक भी है। दशमेश पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने होली के उत्साह के साथ खालसा परंपराओं को मजबूत करने और समाज में भाईचारे व एकता की भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से होला मोहल्ला मनाने की परंपरा शुरू की थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पर्व हमें यह भी सिखाता है कि आध्यात्मिकता और वीरता दोनों जीवन के महत्वपूर्ण आयाम हैं और इनका संतुलन ही समाज को सशक्त बनाता है।

नामधारी समाज का योगदान अतुलनीय
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि नामधारी समाज का इतिहास त्याग, तपस्या और बलिदान की अमर गाथाओं से भरा हुआ है। उन्होंने बताया कि सतगुरु राम सिंह जी महाराज द्वारा शुरू किया गया कूका आंदोलन भारत के स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। उन्होंने कहा कि जब देश अंग्रेजी हुकूमत की गुलामी की बेड़ियों में जकड़ा हुआ था, तब नामधारी समाज ने स्वदेशी अपनाने और विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार का जो संदेश दिया, उसने स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा और ऊर्जा प्रदान की।
मुख्यमंत्री ने उन वीर नामधारी शहीदों को भी श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने मालेरकोटला में तोपों के सामने खड़े होकर हंसते-हंसते अपने प्राणों की आहुति दे दी, लेकिन सत्य और स्वाभिमान का मार्ग नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा कि यह बलिदान भारतीय इतिहास में साहस और देशभक्ति का अद्वितीय उदाहरण है।
देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं की उपस्थिति
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष के होला मोहल्ला कार्यक्रम में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि आधुनिक भौतिकवादी दौर में भी लोगों की आस्था अपनी आध्यात्मिक जड़ों से गहराई से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि संतों और महापुरुषों की शिक्षाएं समाज को सकारात्मक दिशा देती हैं और लोगों को सेवा, सद्भाव और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। ऐसे आध्यात्मिक आयोजनों से समाज में भाईचारा और सामाजिक समरसता मजबूत होती है।

सबका साथ-सबका विकास के मंत्र पर कार्य
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूल मंत्र के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि यह विचारधारा नामधारी पंथ के ‘सरबत दा भला’ और मानव सेवा के सिद्धांतों से मेल खाती है। सरकार का उद्देश्य समाज के हर वर्ग को साथ लेकर विकास की दिशा में आगे बढ़ना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में शांति, सद्भाव और भाईचारे की भावना को मजबूत करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। संतों और गुरुओं की शिक्षाओं को अपनाकर ही हम एक मजबूत और समृद्ध राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान संत समाज ने मुख्यमंत्री का सम्मान किया और संगत ने भी उत्साह के साथ इस ऐतिहासिक पर्व में भाग लिया। इस अवसर पर विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर आशीर्वाद प्राप्त किया।
संवाददाता- रमेश भार्गव
