हनुमानगढ़। जिला प्रशासन, एमएसएमई एवं श्री खुशाल दास यूनिवर्सिटी के संयुक्त तत्वावधान में 21 से 23 फरवरी तक आयोजित तीन दिवसीय ‘पंच गौरव कृषि मेला 2026’ का सोमवार को विश्वविद्यालय परिसर में समारोहपूर्वक समापन हुआ। ‘अन्नदाता से अन्नपूर्णा तक का समृद्धि पथ’ थीम पर आधारित इस कृषि महोत्सव ने जिले सहित अन्य राज्यों से आए हजारों किसानों को आधुनिक तकनीकों, नवाचारों और उन्नत कृषि मॉडलों से जोड़ने का कार्य किया।

मेले में कृषक-वैज्ञानिक संवाद, कृषि स्टार्टअप स्टॉल, ड्रोन प्रदर्शन, लाइव डेमो, पशु सौंदर्य प्रतियोगिताएं तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम मुख्य आकर्षण रहे। बीज से लेकर बाजार तक की संपूर्ण कृषि श्रृंखला को एक ही मंच पर प्रस्तुत किया गया, जिससे किसानों को समग्र जानकारी प्राप्त हुई।

नवाचार अपनाने से बढ़ेगी आय – कलेक्टर खुशाल यादव
समापन समारोह में जिला कलेक्टर खुशाल यादव ने कहा कि यह मेला राष्ट्रीय स्तर का महत्वपूर्ण आयोजन बन चुका है। उन्होंने किसानों से तकनीक और नवाचारों को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि यदि किसान आधुनिक कृषि पद्धतियों को खुले मन से स्वीकार करेंगे तो उनकी आय में निश्चित रूप से वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि मेले का उद्देश्य उत्सव के साथ ज्ञानवर्धन करना था, जिसमें किसान बड़ी संख्या में स्वप्रेरित होकर पहुंचे।

उन्होंने प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री की मंशानुसार किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में ऐसे आयोजनों को महत्वपूर्ण बताया। मेले में 23 करोड़ रुपये मूल्य के मुर्रा नस्ल के उन्नत भैंसे ‘अनमोल’ तथा एक करोड़ रुपये से अधिक लागत के ट्रैक्टर और कम्बाइन विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।

वैज्ञानिकों ने दिया मार्गदर्शन
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के उपमहानिदेशक डॉ. राजबीर सिंह ने कहा कि यह ऐतिहासिक मेला किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि जिन कृषि उपकरणों में किसानों ने रुचि दिखाई है, उनके लिए कृषि विभाग के माध्यम से सब्सिडी दिलाने के प्रयास किए जाएंगे।

विश्वविद्यालय चेयरपर्सन वरुण यादव ने किसानों से अपील की कि मेले में देखे गए नवाचारों को अपने खेतों में लागू करें। गुरु गोबिंद सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबूलाल जुनेजा ने कहा कि क्षेत्र का किसान खुशहाल होगा तो समाज भी समृद्ध होगा। उन्होंने ‘जय जवान, जय विज्ञान, जय किसान’ के मंत्र के साथ तकनीक और अनुभव के समन्वय पर बल दिया।

नवाचारी किसानों का सम्मान
कम जोत में अधिक उत्पादन कर मिसाल कायम करने वाले प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया। जैविक खेती, ड्रैगन फ्रूट, अंजीर, एलोवेरा जूस, ऑर्गेनिक गुड़, मधुमक्खी पालन, देशी बीज संरक्षण, किन्नू एवं आलू उत्पादन जैसे नवाचारों के लिए चयनित कृषकों को प्रशस्ति पत्र और सम्मान प्रतीक प्रदान किए गए।

पशुपालकों को नगद पुरस्कार
पशुपालन क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पशुपालकों को विभिन्न नस्ल प्रतियोगिताओं—बीटल बकरी, साहीवाल, बारबरी, मुर्रा भैंस, थारपारकर एवं शुद्ध देशी गाय—में 5,100 रुपये से 31,000 रुपये तक की नगद राशि देकर सम्मानित किया गया।

उत्कृष्ट कृषकों को प्रोत्साहन राशि
कृषि विभाग की आत्मा योजना अंतर्गत समन्वित कृषि, उद्यानिकी, डेयरी, जैविक खेती एवं नवाचारी खेती में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को पंचायत समिति स्तर पर 10,000 रुपये तथा जिला स्तर पर चयनित 10 किसानों को 25,000 रुपये एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।

व्यापक सहभागिता
समापन कार्यक्रम में प्रशासनिक, कृषि, पशुपालन एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनेक अधिकारी, वैज्ञानिक और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। आयोजन को सफल बनाने में विश्वविद्यालय की टीम ने वर्षभर देश के विभिन्न कृषि मेलों का अध्ययन कर नवीनतम तकनीकों को शामिल किया। तीन दिवसीय ‘पंच गौरव कृषि मेला 2026’ ने यह संदेश दिया कि जब अन्नदाता तकनीक, नवाचार और वैज्ञानिक मार्गदर्शन के साथ आगे बढ़ेगा, तभी ‘अन्नपूर्णा’ की दिशा में समृद्धि का पथ प्रशस्त होगा।

समापन कार्यक्रम में यह रहे मौजूद
समापन कार्यक्रम में जिला कलेक्टर सहित प्रबंध निदेशक दिनेश जुनेजा, आईसीएआर वैज्ञानिक डॉ. उमेश श्री वास्तव, डॉ. आर एल सपरा, डॉ. अमर सिंह पूनिया, रिटायर्ड आईजी केपी सिंह (अयोध्या), एडिशनल एसपी अरविंद बिश्नोई, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रमोद डेलू, कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनीष मक्कासर, पूर्व प्रधान रामसिंह बराड़, बाबा लाल सिंह, भाजपा नेत्री गुलाब सिंवर, बार संघ अध्यक्ष रोहित खीची, बाल कल्याण समिति अध्यक्ष जितेंद्र गोयल, कामरेड रामेश्वर वर्मा, अशोक गाबा, डॉ.रामवतार मीणा, रिटायर्ड आईजी गिरीश चावला, सरपंच जगतार सिंह बराड़, राजेंद्र भांभू, देवेंद्र अग्रवाल, प्रताप सिंवर, भाजपा नेता अजयपाल ज्याणी, जगपाल सिंह, जिला उद्योग केंद्र महाप्रबंधक आकाशदीप सिद्धू, उपनिदेशक उद्यान रमेश बराला, कृषि (आत्मा) उपनिदेशक डॉ. सुभाष चन्द्र डूडी, कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. प्रमोद यादव, पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. आनंद स्वरूप, सहायक निदेशक कृषि सरदार बलकरण सिंह, सहायक निदेशक उद्यान साहब राम गोदारा, अतिरिक्त निदेशक कृषि हरबंश सिंह, उपनिदेशक पशुपालन विभाग डॉ राकेश गांधी, सहायक निदेशक जिला उद्योग दिव्या, पंचगौरव नोडल ममता बिश्नोई, एसीबीओ रजनीश गोदारा मौजूद रहे।
