
हनुमानगढ़। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का नाम बदलकर जी राम जी करने का विपक्ष विरोध कर रहा है। इसी क्रम में सोमवार को जिला कांग्रेस कमेटी के बैनर तले जिले भर के कांग्रेस कार्यकर्ताओं-पदाधिकारियों व पार्टी से जुड़े जनप्रतिनिधियों ने जिला कलक्ट्रेट के समक्ष प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का पुतला दहन कर मनरेगा का नाम बदलने के खिलाफ विरोध दर्ज करवाया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसे सरकार की साजिश बताते हुए इसका पुरजोर विरोध किया। मनरेगा नाम यथावत रखने की मांग के संबंध में राष्ट्रपति के नाम जिला कलक्टर को ज्ञापन भी सौंपा गया। डीसीसी अध्यक्ष मनीष मक्कासर ने कहा कि सरकार मनरेगा से न सिर्फ महात्मा गांधी का नाम हटा रही है, बल्कि मजदूरों के अधिकारों को भी रौंद रही है। महात्मा गांधी के आदर्श और विचार, हिंदुस्तान की आत्मा में घुले हैं। ये सरकार कितनी भी कोशिश कर ले ‘गांधीÓ का नाम नहीं मिटा पाएगी। उन्होंने कहा कि मनरेगा योजना देश के करोड़ों गरीब, ग्रामीण, मजदूर, किसान एवं वंचित वर्ग के लिए जीवनरेखा है। यह योजना न केवल रोजगार की गारंटी देती है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भूमिका निभाती है। दुर्भाग्यवश वर्तमान केन्द्र सरकार की ओर से बजट में कटौती, भुगतान में देरी, कार्य दिवसों में कमी तथा योजना की मूल भावना के साथ छेड़छाड़ कर इसे कमजोर किया जा रहा है। यह महात्मा गांधी के नाम को हटाने तथा गरीब एवं ग्रामीण श्रमिकों के रोजगार के संवैधानिक एवं कानूनी अधिकार को समाप्त करने की साजिश है, जो अत्यंत निंदनीय है। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि मनरेगा योजना को पूर्ण रूप से सुदृढ़ किया जाए तथा इसके बजट में पर्याप्त वृद्धि की जाए। मनरेगा योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाने की किसी भी कोशिश को तत्काल रोका जाए। ग्रामीण मजदूरों को रोजगार का कानूनी अधिकार पूर्ववत सुरक्षित रखा जाए। मजदूरों को समय पर पूर्ण मजदूरी भुगतान सुनिश्चित किया जाए। इस मौके पर डीसीसी के पूर्व अध्यक्ष सुरेन्द्र दादरी, निवर्तमान प्रधान सोहन ढिल, सुरेश चौधरी, पीलीबंगा विधायक विनोद गोठवाल, रामेश्वर चांवरिया, पूर्व उपसभापति अनिल खीचड़, पूर्व पार्षद गुरदीप चहल इत्यादि मौजूद रहे।

