हनुमानगढ़। जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (जोधपुर डिस्कॉम) के हनुमानगढ़ सर्किल में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में बिजली से जुड़े मामलों का त्वरित निस्तारण करते हुए कुल 611 प्रकरणों का सफलतापूर्वक निपटारा किया गया। इस लोक अदालत के माध्यम से निगम को लगभग 95.17 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त होगा, वहीं उपभोक्ताओं को भी करीब 51.52 लाख रुपये की बड़ी राहत प्रदान की गई। राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन उपभोक्ताओं और विभाग के बीच लंबे समय से लंबित विवादों को आपसी सहमति के आधार पर सुलझाने के उद्देश्य से किया गया। कार्यक्रम के दौरान जोधपुर डिस्कॉम के अधीक्षण अभियंता रिछपाल सिंह चारण के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम ने उपभोक्ताओं की समस्याओं को सुना और मौके पर ही समझौते के आधार पर प्रकरणों का निस्तारण किया। इससे न केवल विवादों का समाधान हुआ बल्कि उपभोक्ताओं को लंबी कानूनी प्रक्रिया से भी राहत मिली। लोक अदालत में विशेष रूप से वीसीआर और पीडीसी प्रकरणों का निस्तारण किया गया। वीसीआर श्रेणी के अंतर्गत कुल 10 प्रकरणों का समाधान किया गया, जिसमें उपभोक्ताओं को 0.78 लाख रुपये की राहत प्रदान की गई, जबकि निगम को 1.44 लाख रुपये की राजस्व प्राप्ति होगी। वहीं पीडीसी प्रकरणों में बड़ी संख्या में मामलों का समाधान करते हुए 601 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। इन मामलों में उपभोक्ताओं को 50.74 लाख रुपये की राहत दी गई, जबकि निगम को 93.73 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त होगा। कार्यक्रम के दौरान निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। इस अवसर पर सहायक अभियंता अनिल श्योराण, कुलदीप पूनिया, मुकेश शर्मा, कनिष्ठ विधि अधिकारी पंकज श्योराण, सहायक लेखाधिकारी प्रथम विनोद अग्रवाल सहित उपखण्ड कार्यालय से सहायक लेखाधिकारी सुखवीर ढाका, विकास बेनीवाल, किशन बसवाल और विभिन्न उपखण्डों से आए सहायक लेखाधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने उपभोक्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए आपसी समझौते के आधार पर मामलों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया। अधीक्षण अभियंता रिछपाल सिंह चारण ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य विभाग और उपभोक्ताओं के बीच आपसी सहमति से विवादों का समाधान करना है, ताकि लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण हो सके। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया से जहां उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलती है, वहीं विभाग को भी बकाया राजस्व की वसूली में मदद मिलती है। इसके अलावा उपभोक्ताओं को न्यायालयों में लंबी प्रक्रिया, समय और खर्च से भी राहत मिलती है। उन्होंने आगे कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से विभाग और उपभोक्ताओं के बीच विश्वास और समन्वय मजबूत होता है। लोक अदालत के माध्यम से बड़ी संख्या में प्रकरणों का समाधान होना इस बात का संकेत है कि लोग आपसी सहमति से विवाद सुलझाने के लिए आगे आ रहे हैं। कार्यक्रम के अंत में अधीक्षण अभियंता चारण ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि टीमवर्क और सकारात्मक पहल के कारण ही इतने बड़े स्तर पर प्रकरणों का निस्तारण संभव हो पाया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इसी प्रकार के प्रयासों से लंबित मामलों का समाधान कर उपभोक्ताओं को राहत प्रदान की जाती रहेगी।
