-लॉकडाउन की अफवाहों से सावधान रहें: सीएम योगी
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ स्थित लोकभवन में डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के चयनित नर्सिंग अधिकारियों को जॉइनिंग लेटर वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने लॉकडाउन की अफवाह फैलाने वालों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि देश में बेवजह भ्रम फैलाया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अफवाहों पर ध्यान न दें और सतर्क रहें। कार्यक्रम में कुल 665 नर्सिंग अधिकारियों का चयन किया गया है, जिनमें 345 पुरुष और 320 महिला अभ्यर्थी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने इनमें से 20 अभ्यर्थियों को मंच से सीधे जॉइनिंग लेटर सौंपे, जबकि बाकी चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र ऑनलाइन भेजे जाएंगे। सीएम योगी ने कहा कि जब नियुक्ति प्रक्रिया पारदर्शी होती है, तो उसके परिणाम भी स्पष्ट दिखाई देते हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार अब तक लगभग 9 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दे चुकी है। भर्ती प्रक्रिया इतनी पारदर्शी है कि उस पर विरोधी भी सवाल नहीं उठा सकते। उन्होंने कहा कि जब चयन निष्पक्ष होता है, तो उसमें किसी प्रकार के हस्तक्षेप या न्यायालय के दखल की भी जरूरत नहीं पड़ती। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में ज्यादातर भर्तियां बाधित रहती थीं, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य में बड़े पैमाने पर मैनपावर उपलब्ध होने से उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य की छवि से बाहर निकलकर देश के विकास का ग्रोथ इंजन बन रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि एक समय ऐसा था जब प्रदेश सरकार के पास कर्मचारियों को वेतन देने तक के पैसे नहीं होते थे, लेकिन आज उत्तर प्रदेश रेवेन्यू सरप्लस स्टेट बन चुका है और प्रति व्यक्ति आय भी तीन गुना तक बढ़ गई है। भर्ती प्रक्रियाओं की निगरानी पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की तीसरी नजर भर्ती आयोगों पर रहती है ताकि कहीं कोई गड़बड़ी न हो सके। उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सीएम योगी ने राज्य में चल रही विकास परियोजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट जेवर में बन रहा है, जिससे करीब एक लाख युवाओं को रोजगार मिलेगा। उन्होंने बताया कि जेवर क्षेत्र पहले अपराध के लिए बदनाम था और शाम के बाद वहां से गुजरने में लोग डरते थे, लेकिन आज वही क्षेत्र निवेश का बड़ा केंद्र बन गया है।

यहां फिल्म सिटी का निर्माण हो रहा है और पास ही सेमीकंडक्टर यूनिट का भी शिलान्यास किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के दौर में सेमीकंडक्टर का महत्व उतना ही बढ़ गया है जितना पहले पेट्रोलियम उत्पादों का हुआ करता था। इसलिए सरकार आधुनिक उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने लॉकडाउन की अफवाहों को लेकर भी लोगों को आगाह किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रोकने के लिए निम्न स्तर के प्रयास कर रहे हैं और तरह-तरह की अफवाहें फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह कहा जा रहा है कि लॉकडाउन लगने वाला है या गैस सिलेंडर कम किया जा रहा है, जबकि ऐसा कुछ भी नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर किसी के घर में गैस सिलेंडर 25 दिन चलता है तो लोग पांचवें दिन ही लाइन में क्यों लग जाते हैं। इसी तरह अगर गाड़ी में पेट्रोल भरा हुआ है तो पेट्रोल पंप पर लंबी लाइन लगाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि ऐसी अफवाहों से दूर रहें और जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब देश की मजबूत नेतृत्व व्यवस्था जनता के साथ है, तो चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। राजनीतिक विपक्ष पर निशाना साधते हुए सीएम योगी ने कहा कि कुछ लोग सत्ता से बाहर होने के बाद केवल अफवाह फैलाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता ने उन्हें सरकार से बाहर कर दिया है, इसलिए अब वे भ्रम फैलाकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अफवाह फैलाना भी राष्ट्रद्रोह की श्रेणी में आता है। मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी सरकार की नीति स्पष्ट करते हुए कहा कि प्रदेश में अपराधियों के साथ-साथ भ्रष्टाचार के प्रति भी जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। इसी का परिणाम है कि सरकार हर सप्ताह किसी न किसी विभाग में नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम आयोजित कर रही है। इस दौरान उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव मुख्यमंत्री रहते हुए नोएडा नहीं गए, लेकिन अब राजनीतिक कारणों से वहां पहुंच रहे हैं। उन्होंने समाजवादी पार्टी के शासनकाल की परियोजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (जेपीएनआईसी) का डीपीआर 200 करोड़ रुपये था, लेकिन उस पर 800 करोड़ रुपये खर्च हो गए और परियोजना आज भी अधूरी है। इसी तरह गोमती रिवर फ्रंट परियोजना का डीपीआर 300 करोड़ रुपये था, लेकिन उस पर करीब 1400 करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए, फिर भी काम पूरा नहीं हो सका। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इन नियुक्तियों से प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में नर्सिंग स्टाफ की संख्या बढ़ेगी, जिससे मरीजों को बेहतर इलाज और सेवाएं मिल सकेंगी। लोहिया संस्थान के निदेशक डॉ. सीएम सिंह ने बताया कि इस भर्ती के लिए कुल 42,280 आवेदन प्राप्त हुए थे। परीक्षा 14 राज्यों के 34 शहरों में आयोजित की गई थी, जिसमें से 665 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। चिकित्सा शिक्षा विभाग के राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि लोहिया संस्थान पीजीआई के बाद प्रदेश का बड़ा चिकित्सा संस्थान है। उन्होंने कहा कि नर्सिंग अधिकारी के रूप में मरीजों की सेवा करना एक बड़ा दायित्व है और मरीजों का आशीर्वाद ही इस पेशे की सबसे बड़ी उपलब्धि होता है।
