ऐलनाबाद। खण्ड के गांव बेहरवाला खुर्द स्थित ग्रामीण सचिवालय में कानूनी जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें एडवोकेट वीरेन्द्र सिंह भादू ने ग्रामीणों को उनके कानूनी अधिकारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी और उन्हें न्याय के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और कानूनी सहायता से संबंधित जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एडवोकेट वीरेन्द्र सिंह भादू ने कहा कि भारत के संविधान ने प्रत्येक नागरिक को न्याय प्राप्त करने का समान अधिकार दिया है। उन्होंने बताया कि लीगल सर्विसेज ऑथोरिटी एक्ट के तहत देश के सभी न्यायालयों में पात्र व्यक्तियों को मुफ्त वकील उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने कहा कि न्याय केवल आर्थिक रूप से सक्षम लोगों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि यह समाज के हर वर्ग का संवैधानिक और मौलिक अधिकार है। एडवोकेट भादू ने ग्रामीणों को बताया कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 39ए के अनुसार राज्य का कर्तव्य है कि आर्थिक या अन्य किसी भी प्रकार की कमजोरी के कारण कोई भी व्यक्ति न्याय से वंचित न रहे। इसी उद्देश्य से देशभर में विधिक सेवा प्राधिकरणों की स्थापना की गई है, जो जरूरतमंद लोगों को निशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध करवाते हैं। उन्होंने बताया कि इन प्राधिकरणों के माध्यम से गरीब, महिलाएं, बच्चे, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लोग, वरिष्ठ नागरिक तथा अन्य पात्र वर्गों को मुफ्त कानूनी सलाह, वकील और आवश्यक दस्तावेजी सहायता दी जाती है। उन्होंने कहा कि अक्सर लोगों को यह भ्रम रहता है कि न्यायालय में मुकदमा लड़ना बहुत खर्चीला और जटिल होता है, जिसके कारण कई लोग अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने से पीछे हट जाते हैं। लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्तियों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। लीगल सर्विसेज अथॉरिटी ऐसे लोगों के लिए योग्य अधिवक्ताओं की नियुक्ति करती है और मुकदमे से जुड़ी जरूरी कानूनी प्रक्रियाओं में पूरी सहायता प्रदान करती है। एडवोकेट भादू ने यह भी कहा कि कानूनी जागरूकता समाज के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। जब लोग अपने अधिकारों और कर्तव्यों के बारे में जागरूक होंगे, तभी वे किसी भी प्रकार के अन्याय के खिलाफ आवाज उठा पाएंगे। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि यदि उन्हें किसी भी प्रकार की कानूनी समस्या या विवाद का सामना करना पड़े तो वे विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क करें और उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाएं। शिविर के दौरान उपस्थित ग्रामीणों को विभिन्न कानूनी प्रावधानों, सरकारी योजनाओं और न्याय प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी गई। ग्रामीणों ने भी अपने सवाल पूछे, जिनका एडवोकेट भादू ने सरल भाषा में उत्तर देकर उनकी शंकाओं का समाधान किया। कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों ने इस प्रकार के जागरूकता शिविरों को उपयोगी बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन गांव स्तर पर समय-समय पर होने चाहिए, ताकि आम लोगों को अपने अधिकारों के बारे में सही जानकारी मिल सके और वे जरूरत पड़ने पर न्यायिक व्यवस्था का लाभ उठा सकें।
