बागपत। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को बागपत स्थित श्रीशिव गोरखनाथ आश्रम में आयोजित नवनाथों की मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने सनातन संस्कृति, भारत की आध्यात्मिक विरासत और राष्ट्र की गौरवशाली परंपराओं पर जोर देते हुए विरोधियों और विदेशी आक्रांताओं पर तीखा प्रहार किया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि इतिहास इस बात का साक्षी है कि जिन्होंने भारत की आस्था के केंद्रों, मठों और मंदिरों को नष्ट करने का प्रयास किया, वे स्वयं इतिहास के पन्नों से मिट गए। उन्होंने कहा कि आज उन आक्रांताओं के वंशजों का भी कोई नामलेवा नहीं है, जबकि भारत के तीर्थ स्थल आज पुनः अपनी भव्यता और दिव्यता के साथ स्थापित हो रहे हैं। सीएम योगी ने 11 मई की ऐतिहासिक महत्ता का उल्लेख करते हुए तीन महत्वपूर्ण घटनाओं को याद किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1026 में महमूद गजनवी ने सोमनाथ मंदिर पर हमला किया था, लेकिन 1951 में इसी दिन भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने मंदिर की पुनर्प्रतिष्ठा कर देश के स्वाभिमान को नई शक्ति दी। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी सोमनाथ में मौजूद हैं, जो भारत की सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज ही के दिन पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में पोखरण परमाणु परीक्षण कर भारत ने दुनिया को अपनी ताकत का एहसास कराया था। इसके साथ ही काशी विश्वनाथ धाम में भी आज विशेष धार्मिक आयोजन हो रहे हैं। महायोगी गुरु गोरखनाथ का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि योगी केवल गुफाओं और धूनी तक सीमित नहीं रहे, बल्कि जब-जब धर्म और संस्कृति पर संकट आया, तब योगियों ने समाज को जागृत करने का कार्य किया। उन्होंने कहा, “जो संकट के समय निडर होकर समाज के साथ खड़ा हो, वही सच्चा संत है। संकट के समय पलायन करने वाला संत नहीं हो सकता।” सीएम योगी ने बागपत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह वही भूमि है जिसे भगवान श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए कौरवों से मांगा था। उन्होंने किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह और पूर्व आईपीएस अधिकारी डॉ. सत्यपाल सिंह का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जयंत चौधरी के नेतृत्व में राष्ट्रीय लोकदल और भाजपा मिलकर बागपत तथा उत्तर प्रदेश के विकास को नई दिशा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों से अयोध्या में राम मंदिर का सपना साकार हुआ है और आज सोमनाथ, काशी विश्वनाथ, महाकाल लोक तथा विंध्यवासिनी धाम जैसे धार्मिक स्थलों का भव्य पुनरुद्धार हो रहा है। उन्होंने कहा कि अब केवल लोगों के घर ही नहीं, बल्कि देवी-देवताओं के पवित्र स्थल भी सुरक्षित हैं और भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत के गौरव को फिर से प्राप्त कर रहा है।
