– सचिन पायलट को बड़ी जिम्मेदारी मिलने से गहलोत परेशान : लोकेश शर्मा
जयपुर। राजस्थान की राजनीति में मानेसर प्रकरण को लेकर बयानबाजी एक बार फिर तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के ओएसडी रह चुके लोकेश शर्मा ने गहलोत पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें “सबसे बड़ा षड्यंत्रकारी” करार दिया। उन्होंने कहा कि सरकार गिराने की साजिश और मानेसर कांड से जुड़े आरोप पूरी तरह मनगढ़ंत हैं, जिनका आज तक कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है। जयपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए लोकेश शर्मा ने कहा कि कांग्रेस हाईकमान सचिन पायलट को राजस्थान में कोई बड़ी जिम्मेदारी देने की तैयारी कर रहा है, जिससे अशोक गहलोत परेशान और बौखलाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि गहलोत के हालिया बयान उनकी हताशा को दर्शाते हैं। शर्मा ने कहा, “गहलोत की बॉडी लैंग्वेज, चेहरे की लकीरें और माथे की शिकन साफ बता रही हैं कि उन्हें कोई बात अंदर तक परेशान कर रही है। सचिन पायलट से नफरत करते-करते उन्होंने कांग्रेस हाईकमान तक पर निशाना साध दिया और उसे षड्यंत्रकारी बता दिया।” उन्होंने आरोप लगाया कि अशोक गहलोत पिछले चार दशकों से कांग्रेस को अपनी जागीर की तरह चलाते रहे हैं, लेकिन अब उनकी राजनीतिक पकड़ कमजोर पड़ रही है। शर्मा ने कहा कि सचिन पायलट को मिलने वाली संभावित जिम्मेदारी को रोकने के लिए गहलोत अनावश्यक बयानबाजी कर रहे हैं और मानेसर प्रकरण का बार-बार जिक्र कर रहे हैं। लोकेश शर्मा ने कहा कि यदि सरकार गिराने की साजिश के सबूत वास्तव में मौजूद हैं तो उन्हें सार्वजनिक किया जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “अगर सबूत हैं तो उन्हें सामने क्यों नहीं लाया जा रहा? क्या उनकी ममी बनवाकर पिरामिड में रखा जाएगा?” उन्होंने दावा किया कि एसीबी और एसओजी की जांच में सरकार गिराने की किसी साजिश के प्रमाण नहीं मिले। शर्मा ने कहा कि अशोक सिंह और भरत मालानी को भी एसीबी की रिपोर्ट के आधार पर अदालत से क्लीन चिट मिली थी। उन्होंने कहा कि अदालत में एसीबी स्पष्ट रूप से कह चुकी है कि सरकार गिराने की साजिश के कोई सबूत नहीं मिले। शर्मा ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद अशोक गहलोत लगातार मानेसर का मुद्दा उठाकर एक “मनगढ़ंत कहानी” को जीवित रखने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि गहलोत के पास कोई ठोस सबूत होते तो वे उन्हें जांच एजेंसियों को सौंपते। राजस्थान कांग्रेस में गहलोत और पायलट खेमे के बीच लंबे समय से जारी राजनीतिक खींचतान के बीच लोकेश शर्मा का यह बयान सियासी गलियारों में नई चर्चा का विषय बन गया है।
