– नियमित हल्का व्यायाम, संतुलित खानपान और पर्याप्त धूप जरूरी, बिना जांच के कैल्शियम सप्लीमेंट लेने से बचें : डॉ. भूपेन्द्र नारंग
हनुमानगढ़। सर्दियों का मौसम शुरू होते ही कई लोगों को जोड़ों में दर्द, अकड़न और चलने-फिरने में परेशानी महसूस होने लगती है। उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों की मजबूती प्रभावित होने और शारीरिक गतिविधियां कम होने से ऐसी समस्याएं अधिक महसूस हो सकती हैं। ऐसे में नियमित व्यायाम, संतुलित खानपान, पर्याप्त धूप और समय पर चिकित्सकीय जांच जरूरी है। हनुमानगढ़ टाउन स्थित एसएलजी हॉस्पिटल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. भूपेन्द्र नारंग ने हड्डियों की कमजोरी और जोड़ों के दर्द से बचाव के लिए जरूरी सावधानियों की जानकारी दी।
उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों की मजबूती पर दें ध्यान
डॉ. नारंग ने बताया कि उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों की मजबूती कम होने और जोड़ों में दर्द व जकड़न की समस्या हो सकती है। कई लोगों को सर्दियों में ये परेशानियां अधिक महसूस होती हैं। ऐसे में अपनी दिनचर्या और खानपान पर ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने लोगों को नियमित व्यायाम करने और हड्डियों को मजबूत बनाए रखने के लिए संतुलित आहार लेने की सलाह दी।
नियमित व्यायाम करें, अचानक अधिक दबाव डालने से बचें
डॉ. नारंग के अनुसार, नियमित शारीरिक गतिविधियां हड्डियों और मांसपेशियों को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करती हैं। इसके लिए अपनी क्षमता के अनुसार हल्का व्यायाम करना चाहिए। जोड़ों में दर्द या हड्डियों की कमजोरी से परेशान लोगों को बिना चिकित्सकीय सलाह के दौड़ने, उछलने या जोड़ों पर अधिक दबाव डालने वाले व्यायाम नहीं करने चाहिए। व्यायाम का चयन उम्र, शारीरिक स्थिति और बीमारी के अनुसार करना उचित रहता है।
कैल्शियम सप्लीमेंट लेने से पहले करवाएं जांच
उन्होंने बताया कि कैल्शियम हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए जरूरी है, लेकिन हर व्यक्ति को इसकी अतिरिक्त खुराक की आवश्यकता नहीं होती। कैल्शियम सप्लीमेंट लेने से पहले चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए।

जरूरत के अनुसार खून की जांच और बोन मिनरल डेंसिटी जांच से कैल्शियम की स्थिति तथा हड्डियों की मजबूती का आकलन किया जा सकता है। इसके आधार पर चिकित्सक उचित खुराक और जरूरी सावधानियां बता सकते हैं। डॉ. नारंग ने कहा कि कैल्शियम और आयरन की गोलियां एक साथ लेने से उनके अवशोषण पर असर पड़ सकता है। इसलिए दोनों सप्लीमेंट लेने वाले लोगों को इनके सेवन के समय और खुराक के संबंध में चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
विटामिन डी के लिए धूप और कैल्शियम युक्त आहार जरूरी
डॉ. नारंग ने बताया कि शरीर में कैल्शियम के उचित अवशोषण के लिए विटामिन डी महत्वपूर्ण है। इसके लिए नियमित रूप से धूप में समय बिताना और संतुलित आहार लेना उपयोगी है। उन्होंने प्रतिदिन 15 से 20 मिनट धूप में बैठने की सलाह दी। दूध, दही, पनीर और अन्य कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थों को आहार में शामिल करना भी हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो सकता है। उन्होंने पानी की गुणवत्ता पर भी ध्यान देने की बात कही। उनके अनुसार, पानी में टीडीएस की मात्रा अधिक होने को लेकर भी सवाल उठते हैं, लेकिन केवल टीडीएस के आधार पर कैल्शियम के अवशोषण में कमी या जोड़ों के दर्द का कारण निर्धारित नहीं किया जा सकता। इसके लिए पानी की वास्तविक संरचना और व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति का आकलन जरूरी है।
जोड़ों के दर्द को नजरअंदाज न करें
डॉ. नारंग ने कहा कि बदलती जीवनशैली, शारीरिक गतिविधियों की कमी और खानपान संबंधी आदतें हड्डियों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं। उन्होंने आमजन से अपील की कि जोड़ों में लगातार दर्द, सूजन या जकड़न होने पर इसे सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज न करें। समय पर चिकित्सकीय जांच करवाकर उचित उपचार लें, ताकि समस्या बढ़ने से पहले जरूरी कदम उठाए जा सकें।
