हनुमानगढ़। पुलकित कॉलेज फॉर हायर एजुकेशन में डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती की पूर्व संध्या पर उनके सामाजिक दर्शन, समानता और न्याय के सिद्धांतों को समर्पित संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को डॉ. अंबेडकर के विचारों, उनके संघर्षपूर्ण जीवन और समाज सुधार में उनके योगदान से अवगत कराना था। संगोष्ठी में यासमीन फातिमा, जतिन सहित अनेक छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लेकर अपने विचार प्रस्तुत किए। छात्र-छात्राओं ने डॉ. अंबेडकर के सिद्धांतों, सामाजिक समानता, शिक्षा के महत्व और अधिकारों के प्रति जागरूकता जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया। प्राचार्य डॉ. चंद्रा गुरनानी ने अपने संबोधन में डॉ. अंबेडकर के जीवन संघर्ष और भारतीय समाज में उनके अमूल्य योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर केवल संविधान निर्माता ही नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और समानता के प्रबल समर्थक थे। उन्होंने छात्र-छात्राओं को डॉ. अंबेडकर के विचारों को जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में अल्का शर्मा, पंकज वर्मा, महेंद्र कुमार, गौरीशंकर, मुकेश यादव व मुकेश कुमार सहित अन्य संकाय सदस्य मौजूद रहे।
