रावतसर। टीएसए इंटरनेशनल स्कूल में होली महोत्सव इस वर्ष सादगी, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ उल्लासपूर्वक मनाया गया। रंगों की सौंधी खुशबू, फूलों की कोमल पंखुड़ियाँ और बच्चों की खिलखिलाती हँसी से विद्यालय परिसर आनंदमय वातावरण में डूबा नजर आया। विद्यालय परिवार ने रासायनिक रंगों के स्थान पर फूलों की पंखुड़ियों एवं सुरक्षित खाद्य रंगों का उपयोग कर ऑर्गेनिक होली मनाई। नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर प्रेम, सौहार्द और भाईचारे का संदेश दिया। हवा में उड़ती रंग-बिरंगी पंखुड़ियाँ मानो प्रकृति की गोद में उत्सव का इंद्रधनुष रच रही थीं। बच्चों के चेहरे खुशी से दमक रहे थे और वातावरण में अपनत्व की मधुर छटा बिखरी हुई थी। इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि ऑर्गेनिक होली बच्चों को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाती है। उन्होंने सुरक्षित एवं संस्कारयुक्त तरीके से पर्व मनाने को सच्ची परंपरा बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों को जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देते हैं।

विद्यालय की प्रधानाचार्या रेनू मुदगिल ने अपने उद्बोधन में कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रम बच्चों के सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे बच्चों में आपसी प्रेम, सहयोग और भारतीय परंपराओं के प्रति सम्मान की भावना मजबूत होती है। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण नन्हे विद्यार्थियों की मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियाँ रहीं। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे बच्चों ने जब संगीत की धुन पर कदम थिरकाए तो पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। उनकी मासूम मुस्कान और उत्साह ने समारोह को भावनाओं और उल्लास से भर दिया। समारोह के समापन पर विद्यालय प्रबंधन ने सभी विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं स्टाफ सदस्यों से सुरक्षित, स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल होली मनाने की अपील की। रंगों के इस पावन पर्व ने यह संदेश दिया कि जब उत्सव प्रकृति के साथ सामंजस्य में मनाए जाएँ, तो उनकी खुशियाँ और भी अधिक गहरी, सार्थक और यादगार बन जाती हैं।
