-650 मीटर सड़क चौड़ीकरण के लिए दालमंडी में तोड़फोड़, 30 मकान गिराए
वाराणसी। वाराणसी के दालमंडी क्षेत्र में रविवार को सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 30 मकानों को ध्वस्त कर दिया। सुबह करीब 11 बजे शुरू हुई यह कार्रवाई शाम 5 बजे तक चली। इस दौरान मजदूरों ने छेनी-हथौड़ी और बुलडोजर की मदद से जर्जर और अधिग्रहित मकानों को गिराया। पूरे अभियान के दौरान क्षेत्र में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। कार्रवाई के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो, इसके लिए करीब 150 पुलिसकर्मियों को मौके पर तैनात किया गया था। पुलिस ने दालमंडी क्षेत्र में बैरिकेडिंग कर आम लोगों की आवाजाही को नियंत्रित किया। वहीं प्रशासन की ओर से पूरे ऑपरेशन की निगरानी ड्रोन कैमरों के जरिए की गई, ताकि किसी भी स्थिति पर तुरंत नजर रखी जा सके। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार जिन मकानों को गिराया गया है, उनकी विधिवत रजिस्ट्री पहले ही करवाई जा चुकी थी और संबंधित मकान मालिकों तथा हिस्सेदारों के बैंक खातों में मुआवजे की राशि ट्रांसफर कर दी गई है।

ईद के मद्देनजर कुछ समय के लिए कार्रवाई को रोक दिया गया था, लेकिन अब फिर से अभियान तेज कर दिया गया है। इससे पहले भी इसी परियोजना के तहत 22 जर्जर मकानों को ध्वस्त किया जा चुका है। दरअसल, दालमंडी गली को मॉडल सड़क के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है। इस परियोजना का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 51वें काशी दौरे के दौरान किया था। राज्य सरकार की ओर से इस परियोजना के लिए 215.88 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई है। योजना के तहत कुल 186 घर और दुकान मालिकों को लगभग 191 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के मुताबिक नई सड़क से चौक थाना तक करीब 650 मीटर लंबी दालमंडी गली को 60 फीट चौड़ा किया जाएगा। प्रस्तावित योजना के अनुसार इसमें 30 फीट चौड़ी मुख्य सड़क बनाई जाएगी, जबकि दोनों तरफ 15-15 फीट की पटरी विकसित की जाएगी। साथ ही इलाके में आधुनिक शहरी सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए बिजली, पानी और सीवर की सभी लाइनों को भूमिगत किया जाएगा। दालमंडी क्षेत्र में वर्षों से फैले बिजली के तारों के जाल को भी हटाया जाएगा, जिससे क्षेत्र की सूरत और यातायात व्यवस्था दोनों में सुधार होने की उम्मीद है। प्रशासन का कहना है कि परियोजना पूरी होने के बाद दालमंडी क्षेत्र में यातायात सुगम होगा और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
