श्रीगंगानगर। राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में कचरा प्रबंधन प्लांट को लेकर विवाद गहरा गया है। प्लांट की स्थापना को लेकर दो ग्राम पंचायतों के बीच तनाव की स्थिति बन गई है, वहीं प्रशासन की कार्रवाई के बाद मामला और गरमा गया है। राजस्थान हाईकोर्ट, जोधपुर के निर्देशानुसार 31 मार्च तक कचरा प्लांट का कार्य शुरू कर रिपोर्ट पेश करनी थी, लेकिन अब तक स्थान और समय को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। इसी बीच नेतेवाला ग्राम पंचायत के चक 1 जी और चक 6 जेड के ग्रामीण आमने-सामने आ गए हैं। प्रस्तावित प्लांट चक 1 जी छोटी में लगाया जाना था, जिसका स्थानीय ग्रामीण लगातार विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि प्लांट से खेती, मिट्टी, पानी और वायु गुणवत्ता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। दूसरी ओर, चक 6 जेड और 10 जेड के ग्रामीण पिछले 14 दिनों से धरने पर बैठे थे और शहर का कचरा डंपिंग पॉइंट तक ले जाने से रोक रहे थे। इससे शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई। शनिवार को प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए धरनास्थल पर कार्रवाई की। पुलिस ने दो दर्जन से अधिक प्रदर्शनकारियों को हटाकर पुरानी आबादी थाने ले जाया और मौके पर लगे टेंट को भी हटाया। इसके तुरंत बाद कचरा डंपिंग का कार्य शुरू कर दिया गया और घर-घर कचरा संग्रहण की गाड़ियां भी मौके पर पहुंच गईं। धरना दे रहे ग्रामीणों ने पुलिस पर जबरदस्ती और दुर्व्यवहार के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि महिलाओं के साथ धक्का-मुक्की की गई और उन्हें जबरन थाने ले जाया गया। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन कुछ राजनीतिक दबाव में काम कर रहा है। इससे पहले भाजपा के पूर्व सभापति अशोक चांडक के बयान ने भी विवाद को और हवा दी थी, जिसमें उन्होंने विरोध कर रहे लोगों को “जूते मारकर हटाने” की बात कही थी। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।
