बीकानेर। महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिराव फुले की 199वीं जयंती के अवसर पर बीकानेर में ‘फुले समरसता संकल्प समारोह’ का भव्य आयोजन किया गया। गोपेश्वर बस्ती स्थित शिव पार्वती भवन में आयोजित इस कार्यक्रम ने सामाजिक एकता और समरसता का प्रेरक संदेश दिया। समारोह में विभिन्न समाजों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि महात्मा फुले के विचार आज भी समाज को जोड़ने और सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मुख्य अतिथि भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने अपने संबोधन में कहा कि ज्योतिबा फुले को ‘महात्मा’ की उपाधि उनके महान कार्यों के कारण मिली है। उन्होंने शिक्षा और समाज सुधार के लिए जो आंदोलन शुरू किया, वह आज भी उतना ही प्रासंगिक है। राठौड़ ने कहा कि जब तक फुले के विचार अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक नहीं पहुंचेंगे, तब तक देश का समग्र विकास संभव नहीं है। उन्होंने सक्षम वर्ग से जरूरतमंदों की सहायता, शिक्षा के प्रति जागरूकता और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने का आह्वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य गोपाल गहलोत ने की। उन्होंने बताया कि यह आयोजन सावित्रीबाई फुले और महात्मा फुले के समतामूलक विचारों को समर्पित है, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी महिलाओं और वंचित वर्गों के लिए शिक्षा के द्वार खोले। उन्होंने कहा कि बीकानेर में पहली बार इस जयंती को सर्वसमाज के साथ जोड़कर एक नई परंपरा की शुरुआत की गई है। समारोह में खाद्य मंत्री सुमित गोदारा, प्रदेश महामंत्री मिथिलेश गौतम, भूपेंद्र सैनी, प्रदेश उपाध्यक्ष बिहारीलाल बिश्नोई, विधायक डॉ. विश्वनाथ मेघवाल, ताराचंद सारस्वत, ओबीसी मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष महेंद्र कुमावत, जिला प्रभारी ओम सारस्वत, प्रदेश मंत्री अपूर्वा सिंह और रामगोपाल सुथार सहित कई गणमान्य लोग विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इस दौरान विभिन्न संस्थाओं ने आयोजक गोपाल गहलोत का अभिनंदन किया। कार्यक्रम के अंत में सभी ने समाज में शिक्षा, समानता और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक संकल्प लिया।
