हनुमानगढ़। श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय में विश्वविद्यालय की 23वीं अकादमिक काउंसिल की बैठक प्रशासनिक भवन स्थित बोर्ड रूम में आयोजित हुई। बैठक में विश्वविद्यालय के शैक्षणिक विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शोध, नवाचार, कौशल विकास तथा विद्यार्थी-केंद्रित विभिन्न पहलों को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। श्री गुरु गोबिंद सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबूलाल जुनेजा ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि उन्हें वर्तमान समय की आवश्यकताओं के अनुरूप ज्ञान, कौशल, नवाचार एवं व्यावहारिक अनुभव से सशक्त बनाना है। बदलते शैक्षणिक एवं रोजगार परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षण के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर निरंतर ध्यान देना आवश्यक है। अकादमिक काउंसिल में लिए जा रहे निर्णय विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। विश्वविद्यालय के एमडी दिनेश कुमार जुनेजा ने कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर सुधार और नई तकनीकों को अपनाना समय की आवश्यकता है। विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा, कौशल विकास, नवाचार एवं उद्यमिता के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए विश्वविद्यालय की ओर से लगातार नई पहल की जा रही हैं। अकादमिक काउंसिल से प्राप्त सुझावों एवं प्रस्तावों को प्रभावी रूप से लागू कर विश्वविद्यालय को शिक्षा एवं नवाचार के क्षेत्र में और सुदृढ़ बनाया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता प्रो-चांसलर प्रो. डॉ. अमरजीत सिंह ने की। बैठक में रजिस्ट्रार डॉ. मयंक माथुर, आईक्यूएसी निदेशक डॉ. अवधेश शर्मा, डॉ. विक्रम सिंह औलख, डॉ. स्वाति ओझा, डॉ. परवीन शर्मा सहित विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के डीन, अकादमिक काउंसिल के सदस्य एवं बाह्य विशेषज्ञ सदस्य मौजूद रहे। इनमें अंग्रेजी विषय के एमेरिटस प्रोफेसर एवं एसआरएम विश्वविद्यालय, सोनीपत के प्रो. जगदीश बत्रा तथा जगन्नाथ विश्वविद्यालय, जयपुर की प्रबंधन संकाय की प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष प्रो. शिल्पी खंडेलवाल शामिल रहे। बैठक में विश्वविद्यालय में शिक्षक विकास कार्यक्रम शुरू करने, विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने तथा शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को सुदृढ़ करने से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा की गई। इसके साथ ही एनपीटीईएल/स्वयं चैप्टर की स्थापना एवं विभिन्न पाठ्यक्रमों के संचालन पर भी विचार-विमर्श हुआ। विद्यार्थियों में नवाचार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ई-सेल की स्थापना तथा विश्वविद्यालय की इन्क्यूबेशन गतिविधियों को गति देने के लिए श्री खुशाल दास फाउंडेशन की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी बैठक के प्रमुख विषय रहे। अकादमिक काउंसिल के सदस्यों ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध, नवाचार, कौशल विकास एवं विद्यार्थियों के समग्र विकास को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न सुझाव प्रस्तुत किए। प्रस्तावों पर चर्चा के बाद नियमानुसार आवश्यक निर्णय एवं अनुशंसाएं की गईं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि बैठक में लिए गए निर्णय उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा, शोध, नवाचार, कौशल विकास एवं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। साथ ही, इन पहलों से शिक्षकों के व्यावसायिक विकास और विद्यार्थियों को अकादमिक एवं व्यावहारिक स्तर पर बेहतर अवसर उपलब्ध कराने में भी सहायता मिलेगी।
