भोपाल। मध्यप्रदेश में गेहूं खरीदी में हुई देरी को लेकर कांग्रेस ने प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कई जिलों में कलेक्टर कार्यालयों का घेराव कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और किसानों की समस्याओं को लेकर प्रशासन पर दबाव बनाया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि सरकार ने योजनाबद्ध तरीके से गेहूं खरीदी में देरी की है, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ा है। राज्य में गुरुवार से चार संभागों में गेहूं खरीदी शुरू हुई, लेकिन देरी को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा है। सरकार ने देरी की वजह अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और व्यवस्थागत चुनौतियों को बताया है, जबकि कांग्रेस इसे किसानों के साथ अन्याय बता रही है। खंडवा में कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता बैरिकेडिंग तोड़कर कलेक्ट्रेट परिसर तक पहुंच गए और जमकर नारेबाजी की। बताया जा रहा है कि प्रदर्शन में करीब पांच हजार से अधिक कार्यकर्ता शामिल हुए। वहीं रतलाम में जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कृषि उपज मंडी में धरना दिया गया, जिसमें बड़ी संख्या में किसान भी शामिल हुए। भोपाल और श्योपुर में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ नारे लगाए। भोपाल से छतरपुर रवाना होने से पहले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रदेश में गेहूं खरीदी को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बारदाने की कमी का बहाना बनाकर खरीदी को जानबूझकर टाला गया, जिससे किसानों को अपनी उपज कम दामों पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ा।

पटवारी ने दावा किया कि अब तक लगभग 10 लाख क्विंटल गेहूं खुले बाजार में बिक चुका है। उनके अनुसार करीब 25 प्रतिशत गेहूं किसानों ने 1600 से 2000 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर बेच दिया, जो घोषित समर्थन मूल्य से काफी कम है। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों से किए गए वादे पूरे नहीं किए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव के चुनावी वादों का जिक्र करते हुए कहा कि किसानों से गेहूं का भाव 2700 रुपये प्रति क्विंटल, धान का 3100 रुपये और सोयाबीन का 6000 रुपये देने का वादा किया गया था, लेकिन अभी तक इसे लागू नहीं किया गया है। पटवारी ने कहा कि “किसान कल्याण वर्ष” के बावजूद प्रदेश में किसानों का शोषण हो रहा है। उधर, रायसेन जिले में भी कई सरकारी खरीदी केंद्रों पर व्यवस्थाएं अधूरी नजर आईं। सागर रोड स्थित बम्होरी खरीदी केंद्र पर पर्याप्त बारदाना उपलब्ध नहीं था और किसानों के लिए छाया जैसी मूलभूत सुविधाएं भी नहीं थीं। हालांकि कुछ स्थानों पर तौल कांटे रखे गए थे, लेकिन खरीदी शुरू करने के लिए जरूरी संसाधन नहीं पहुंचे थे। इससे केंद्रों पर पहुंचे किसानों में असमंजस की स्थिति बनी रही। इस बीच सागर में अनाज मंडी बंद होने को लेकर जीतू पटवारी ने वहीं से कलेक्टर को फोन कर किसानों की परेशानी पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में किसान कई दिनों से मंडी में परेशान हैं और प्रशासन को इस ओर तुरंत ध्यान देना चाहिए। सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में करीब 19 लाख 40 हजार किसानों ने गेहूं खरीदी के लिए पंजीकरण कराया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर मंत्री, विधायक और भाजपा के पदाधिकारी विभिन्न खरीदी केंद्रों पर पहुंचकर किसानों का तिलक लगाकर स्वागत कर रहे हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि राज्य में बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था है और सरकार किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को खरीदी केंद्रों की व्यवस्थाओं पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।
