ऐलनाबाद। उपमंडल अधिकारी (एसडीएम) राजेंद्र कुमार ने शुक्रवार को अपने कार्यालय कक्ष में उपमंडल स्तरीय विजिलेंस एवं मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक लेकर अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत दर्ज मामलों की समीक्षा की। बैठक में एक दिसंबर से 28 फरवरी तक दर्ज मामलों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। एसडीएम ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की जांच में तेजी लाई जाए, ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय और आर्थिक सहायता मिल सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस जांच अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहनी चाहिए और सभी मामलों का निपटारा निर्धारित समय सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं के बारे में लोगों को अधिक से अधिक जागरूक किया जाए, ताकि पात्र व्यक्ति इन योजनाओं का लाभ उठाकर आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें। एसडीएम ने डायल 112 हेल्पलाइन नंबर के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार या उत्पीड़न की स्थिति में आमजन तुरंत इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अनुसूचित जाति और जनजाति के व्यक्तियों के साथ अत्याचार के मामलों में पीड़ित परिवारों को शीघ्र आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। समय पर दी गई सहायता न केवल आर्थिक सहारा देती है, बल्कि पीड़ितों को मानसिक और भावनात्मक रूप से भी मजबूती प्रदान करती है। बैठक में उप पुलिस अधीक्षक राज सिंह, तहसील कल्याण अधिकारी श्रवण कुमार, तहसीलदार सिरसा प्रदीप कुमार, उपमंडल अधिकारी पंचायती राज दलबीर सिंह सहित गैर सरकारी सदस्य कृष्णा देवी और जुगनू राम भी उपस्थित रहे।
संवाददाता- रमेश भार्गव
