ऐलनाबाद। लोकसभा में हरियाणा के खेल मैदानों की खराब स्थिति को लेकर केंद्र सरकार द्वारा दिए गए जवाब पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव कुमारी सैलजा ने केंद्र और राज्य सरकारों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि खेल प्रतिभाओं के लिए प्रसिद्ध हरियाणा में खेल सुविधाओं की अनदेखी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और यह खिलाड़ियों के भविष्य के साथ अन्याय के समान है। मीडिया को जारी बयान में कुमारी सैलजा ने कहा कि हरियाणा देश का ऐसा राज्य है जिसने अंतरराष्ट्रीय खेलों में भारत का नाम रोशन करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि ओलंपिक में भारत को मिले कुल पदकों में लगभग 33 प्रतिशत हिस्सा हरियाणा के खिलाड़ियों का रहा है। इसके बावजूद प्रदेश में खेल मैदानों की हालत चिंताजनक बनी हुई है। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा में दिए गए जवाब पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि खेल मंत्री का उत्तर जिम्मेदारी से बचने वाला प्रतीत होता है। सैलजा ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि खेल प्रतिभाओं से भरे प्रदेश में न तो केंद्र सरकार और न ही राज्य सरकार खेल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए गंभीर दिखाई दे रही है। कुमारी सैलजा ने रोहतक में हुई एक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि जर्जर और असुरक्षित खेल मैदानों के कारण खिलाड़ियों की जान तक चली गई, जो बेहद दुखद और चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि यह केवल प्रशासनिक लापरवाही का मामला नहीं है, बल्कि यह खिलाड़ियों के जीवन और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ के समान है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते खेल सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो इसका सीधा असर देश की खेल प्रतिभाओं पर पड़ेगा। हरियाणा जैसे राज्य में खेल मैदानों की खराब स्थिति इस बात का संकेत है कि खेल ढांचे को लेकर गंभीरता की कमी है। सैलजा ने मांग की कि हरियाणा के सभी खेल मैदानों की तत्काल समीक्षा करवाई जाए और उनकी स्थिति का व्यापक आकलन किया जाए। उन्होंने कहा कि जहां भी मैदान जर्जर या असुरक्षित हैं, वहां तुरंत सुधार कार्य शुरू किए जाने चाहिए ताकि खिलाड़ियों को सुरक्षित और आधुनिक सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार खेल को केवल राज्य का विषय बताकर अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकती। खेलों के विकास और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए केंद्र और राज्य दोनों सरकारों की संयुक्त जिम्मेदारी है। कुमारी सैलजा ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकारों ने जल्द ही इस दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाए तो यह न केवल हरियाणा के खिलाड़ियों के साथ अन्याय होगा बल्कि देश की खेल प्रतिभाओं को भी नुकसान पहुंचेगा। उन्होंने खिलाड़ियों के हित में त्वरित और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया।
संवाददाता- रमेश भार्गव
