हनुमानगढ़। राजस्थान के पूर्व विधायक और वरिष्ठ कम्युनिस्ट नेता कॉमरेड हेतराम बेनीवाल को रविवार को हनुमानगढ़ टाउन स्थित फुडग्रेन धर्मशाला में आयोजित सर्वदलीय श्रद्धांजलि सभा में भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। सभा में विभिन्न राजनीतिक दलों, किसान संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने भाग लेकर उनके जीवन, संघर्षों और जनसेवा को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि कॉमरेड बेनीवाल का निधन क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। उल्लेखनीय है कि कॉमरेड हेतराम बेनीवाल का 94 वर्ष की आयु में 23 फरवरी को निधन हो गया था। श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने उनके किसान और मजदूर आंदोलनों में दिए गए योगदान को याद करते हुए उन्हें सच्चा जननायक बताया। उन्होंने कहा कि बेनीवाल ने अपना पूरा जीवन किसानों, मजदूरों और गरीब वर्ग के अधिकारों की लड़ाई के लिए समर्पित कर दिया। सभा में वक्ताओं ने कहा कि कॉमरेड बेनीवाल केवल एक राजनेता ही नहीं, बल्कि जन आंदोलनों के मजबूत स्तंभ और किसानों-मजदूरों की बुलंद आवाज थे। उन्होंने अनेक किसान आंदोलनों का नेतृत्व करते हुए सरकारों को नीतियों में बदलाव करने के लिए मजबूर किया। राज्य सचिव मंडल सदस्य रामेश्वर वर्मा ने कहा कि कॉमरेड बेनीवाल का व्यक्तित्व संघर्ष और सिद्धांतों का प्रतीक था। भाजपा नेता अमित चौधरी ने कहा कि विचारधारा अलग होने के बावजूद उनका संघर्ष हमेशा आम आदमी के हित में रहा। कांग्रेस नेता भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि उन्होंने राजनीति को सेवा का माध्यम बनाया और किसानों-मजदूरों की समस्याओं को मजबूती से सरकार तक पहुंचाया। माकपा नेता रघुवीर वर्मा ने कहा कि बेनीवाल ने अपना संपूर्ण जीवन वर्ग संघर्ष और सामाजिक न्याय के लिए समर्पित किया।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनीष मक्कासर ने उन्हें जमीन से जुड़ा हुआ नेता बताते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता दी। पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुरेंद्र दादरी ने कहा कि उन्होंने कभी निजी स्वार्थ को महत्व नहीं दिया और हमेशा समाज के कमजोर वर्गों के लिए संघर्ष किया। पूर्व प्रधान जयदेव भीड़ासरा और दयाराम जाखड़ ने कहा कि बेनीवाल ने किसानों की समस्याओं को करीब से समझा और उनके समाधान के लिए लगातार संघर्ष किया। सीपीआई नेता चानणराम वर्मा ने उन्हें सच्चे अर्थों में जननेता बताते हुए कहा कि वे हमेशा शोषित वर्ग की आवाज बनकर खड़े रहे। बार संघ के पूर्व अध्यक्ष जितेन्द्र सारस्वत ने कहा कि कॉमरेड बेनीवाल न्याय और अधिकारों की आवाज थे। निवर्तमान पार्षद महादेव भार्गव ने कहा कि विधायक रहते हुए भी उन्होंने सादगीपूर्ण जीवन जिया और हमेशा जनता के बीच रहकर काम किया। आम आदमी पार्टी के सुरेन्द्र बेनीवाल और एडवोकेट जाकिर हुसैन कायमखानी ने भी उनके संघर्षों और विचारों को नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक बताया। वक्ताओं ने बताया कि कॉमरेड हेतराम बेनीवाल ने राजस्थान कैनाल जमीन आवंटन आंदोलन, घड़साना किसान आंदोलन, जेसीटी मिल मजदूर आंदोलन और भाखड़ा व गंगनहर से जुड़े कई किसान आंदोलनों का नेतृत्व किया। 1971-72 में आईजीएनपी के प्रथम चरण में भूमि आवंटन को लेकर हुए बड़े किसान आंदोलन का नेतृत्व भी उन्होंने किया था, जिसके प्रभाव से तत्कालीन मुख्यमंत्री मोहनलाल सुखाड़िया की सरकार को निर्णयों में बदलाव करना पड़ा था। सभा में यह भी बताया गया कि श्रीगंगानगर जिले में सिंचाई पानी की समस्या को लेकर भी वे लगातार सक्रिय रहे और कई बार राज्य सरकार के मंत्रियों द्वारा भी उनसे सुझाव लिए जाते थे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर कॉमरेड हेतराम बेनीवाल को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इस अवसर पर भाजपा नेता अमित चौधरी, कांग्रेस नेता भूपेंद्र चौधरी, माकपा नेता रघुवीर वर्मा, कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनीष मक्कासर, पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेंद्र दादरी, पूर्व प्रधान जयदेव भीड़ासरा, पूर्व प्रधान दयाराम जाखड़, सीपीआई नेता चानणराम वर्मा, बार संघ के पूर्व अध्यक्ष जितेन्द्र सारस्वत, निवर्तमान पार्षद महादेव भार्गव, आम आदमी पार्टी से सुरेन्द्र बेनीवाल, एडवोकेट जाकिर हुसैन कायमखानी, राज्य कमेटी सदस्य रामेश्वर वर्मा, फुडग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष रामलाल किरोड़ीवाल, किसान नेता रेशम सिंह माणुका सहित बड़ी संख्या में किसान, मजदूर और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
