हनुमानगढ़। पश्चिमी राजस्थान में सोलर कंपनियों की ओर से राज्य वृक्ष खेजड़ी की अंधाधुंध कटाई के विरोध में बिश्नोई समाज का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को टाउन स्थित बिश्नोई धर्मशाला में श्री जंभेश्वर प्राणी हितकारी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रधान प्रतिनिधि अश्विनी पूनिया ने की। बैठक में खेजड़ी कटाई को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए आंदोलन को और अधिक सशक्त एवं व्यापक बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 2 फरवरी को बीकानेर में चल रहे महापड़ाव को पूर्ण समर्थन दिया जाएगा। इसके लिए बिश्नोई समाज की परंपरा अनुसार पीले चावल वितरित कर समाज के लोगों को अधिक से अधिक संख्या में बीकानेर पहुंचने का आह्वान किया गया। प्रधान प्रतिनिधि अश्विनी पूनिया ने बताया कि हनुमानगढ़ जिले से बिश्नोई समाज के लोग 15 बसों में सवार होकर सुबह 7 जे बीकानेर के लिए रवाना होंगे तथा सुबह 10 बजे महापड़ाव स्थल पर पहुंचकर आंदोलन को मजबूती प्रदान करेंगे। उन्होंने राज्य सरकार की हालिया कैबिनेट बैठक में खेजड़ी कटाई पर मात्र एक हजार रुपए जुर्माना तय किए जाने पर कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि बिश्नोई समाज इस निर्णय को किसी भी हाल में स्वीकार नहीं करेगा। अश्विनी पूनिया ने कहा कि खेजड़ी केवल एक पेड़ नहीं, बल्कि पश्चिमी राजस्थान की संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण, पशुपालक जीवनशैली और जैव विविधता की आत्मा है। खेजड़ी के बिना इस क्षेत्र की कल्पना भी असंभव है। बैठक में यह भी तय किया गया कि पर्यावरण बचाओ, खेजड़ी बचाओ के नारे के साथ आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। इस मौके पर बनवारी लाल सहू, हनुमान भाम्भू, सचिव श्रीभगवान गोदारा, कोषाध्यक्ष मुकेश सहारण, रामनारायण गोदारा, हरि सिंह गोदारा, राजेंद्र गोदारा, बुधराम सहारण, हंसराज, लीलाधर धारणिया, पुनीत कड़वासरा, मनोज गोदारा, रमन पूनिया, अमन गोदारा, मदन पूनिया, सत्यनारायण बावरा, सुल्तान मौजूद रहे। सभी पदाधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में पीले चावल बांटकर समाज के लोगों से बीकानेर महापड़ाव में पहुंचने की अपील करने का संकल्प लिया।
