जयपुर। राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनावों में देरी को लेकर जारी सियासी बयानबाज़ी के बीच यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कांग्रेस पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को आरोप लगाने से पहले अपने गिरेबां में झांकना चाहिए, क्योंकि ऐसे दौर भी रहे हैं जब 13-13 साल तक पंचायतीराज और निकाय चुनाव नहीं कराए गए। मंत्री खर्रा ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि “100 चूहे खाकर बिल्ली हज को चली” जैसी स्थिति है, जहां पार्टी खुद की कमियों को छिपाकर दूसरों पर सवाल उठा रही है। उन्होंने कहा कि जैसे ही राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग और राज्य चुनाव आयोग अपनी प्रक्रिया पूरी करेंगे, सरकार चुनाव कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने हाईकोर्ट से चुनाव कराने के लिए 6 महीने का समय मांगा है, क्योंकि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट अभी लंबित है और इसी बीच एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। ऐसे में नई और सटीक मतदाता सूची तैयार करने के लिए समय जरूरी है। खर्रा ने बताया कि अदालती आदेश के चलते फिलहाल पुरानी मतदाता सूची के आधार पर कार्यक्रम जारी किया गया है, लेकिन एसआईआर के आंकड़े आने के बाद नई मतदाता सूची तैयार की जाएगी, जिससे चुनाव अधिक पारदर्शी और सटीक होंगे। मंत्री ने यह भी कहा कि वर्ष 2022 में महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि ओबीसी आयोग के आंकड़ों के आधार पर चुनाव कराए जा सकते हैं, लेकिन कांग्रेस सरकार ने इस दिशा में दो वर्षों तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार “वन स्टेट, वन इलेक्शन” की अवधारणा पर काम कर रही है और इसी क्रम में ओबीसी आयोग का गठन भी किया गया है, ताकि सभी प्रक्रियाएं संवैधानिक ढांचे के तहत पूरी हो सकें।
