हनुमानगढ़। ऑनलाइन दवा (ई-फार्मेसी) बिक्री और नीतियों के विरोध में बुधवार को देशव्यापी आह्वान के तहत जिले में अधिकांश मेडिकल स्टोर और केमिस्ट की दुकानें बंद रहीं। इसी कड़ी में जिला मुख्यालय पर जंक्शन एवं टाउन क्षेत्र के निजी मेडिकल स्टोर भी बंद रहे। निजी दवा विक्रेताओं ने ऑनलाइन दवा बिक्री, ऑनलाइन माध्यम से कथित नकली दवा आपूर्ति और बड़ी कंपनियों से बढ़ती प्रतिस्पर्धा के विरोध में हड़ताल करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। हड़ताल के चलते शहर के अधिकांश निजी मेडिकल प्रतिष्ठानों पर दिनभर ताले लगे रहे, जिससे सामान्य दवाइयों की खरीद के लिए पहुंचे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि दवा विक्रेताओं ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि मरीजों के हितों को ध्यान में रखते हुए इमरजेंसी और जीवनरक्षक दवाओं की आपूर्ति बाधित नहीं होने दी जाएगी। गंभीर मरीजों के लिए आवश्यक दवाओं की व्यवस्था जारी रखी गई। दवा विक्रेताओं ने हनुमानगढ़ डिस्ट्रिक्ट केमिस्ट एसोसिएशन के बैनर तले प्रधानमंत्री के नाम मांगों के संबंध में जिला कलक्टर को ज्ञापन भी सौंपा। यह ज्ञापन एसोसिएशन अध्यक्ष राजेश बंसल व सचिव महेन्द्र कासनिया के नेतृत्व में सौंपा गया। दवा व्यापारियों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षांे में ऑनलाइन माध्यम से दवाओं की बिक्री तेजी से बढ़ी है, जिससे पारंपरिक मेडिकल व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। उनका आरोप है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर दवा बिक्री व्यवस्था में पर्याप्त निगरानी नहीं होने से नकली अथवा बिना उचित नियंत्रण के दवाओं की आपूर्ति की आशंका बनी रहती है, जो मरीजों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है।

मेडिकल संचालकों का कहना है कि दवा केवल एक उत्पाद नहीं बल्कि स्वास्थ्य सेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। स्थानीय मेडिकल स्टोर पर मरीजों को दवाओं की उपलब्धता के साथ-साथ दवा संबंधी जानकारी और तत्काल सहायता भी मिलती है। वहीं ऑनलाइन व्यवस्था में मरीज और विक्रेता के बीच सीधा संपर्क नहीं होने से कई बार गलत दवा आपूर्ति या अन्य समस्याओं की संभावना बनी रहती है। व्यापारियों ने बड़ी कॉरपोरेट कंपनियों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से बढ़ती प्रतिस्पर्धा पर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि बड़े प्लेटफॉर्म भारी छूट, ऑफर और प्रचार के माध्यम से बाजार पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे छोटे एवं मध्यम स्तर के मेडिकल कारोबारियों का व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। उनका मानना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो भविष्य में छोटे मेडिकल स्टोरों के अस्तित्व पर संकट खड़ा हो सकता है। हड़ताल के दौरान हनुमानगढ़ टाउन और जंक्शन क्षेत्र में अधिकांश निजी मेडिकल स्टोर बंद रहने से आम लोगों को सामान्य दवाइयों की खरीद में परेशानी हुई।
ऑनलाइन दवा बिक्री पर हो सख्त नियंत्रण
दवा व्यापारियों ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि ऑनलाइन दवा बिक्री व्यवस्था पर सख्त नियंत्रण लागू किया जाए, दवा वितरण प्रणाली को और अधिक पारदर्शी बनाया जाए तथा छोटे व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। उनका कहना है कि यह आंदोलन केवल व्यापारिक हितों तक सीमित नहीं बल्कि मरीजों की सुरक्षा और दवा व्यवस्था की पारदर्शिता से भी जुड़ा हुआ है।
