श्रीगंगानगर। रीको स्थित टांटिया यूनिवर्सिटी कैंपस के जन सेवा हॉस्पिटल में नर्सिंग स्टाफ और कर्मचारियों की छंटनी को लेकर विवाद गहरा गया है। अस्पताल प्रबंधन द्वारा कथित रूप से तीन कर्मचारियों को बिना कारण टर्मिनेट किए जाने के विरोध में मंगलवार को सैकड़ों नर्सिंग स्टाफ और कर्मचारी अस्पताल परिसर के बाहर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने हॉस्पिटल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए ‘टांटिया ग्रुप मुर्दाबाद’ के नारे लगाए। कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने वर्षों तक दिन-रात मरीजों की सेवा की, लेकिन अब अस्पताल स्थापित होने के बाद उन्हें जबरन बाहर निकाला जा रहा है। नर्सिंग कर्मचारी आकाशदीप बराड़ ने आरोप लगाया कि 11 अप्रैल को ड्यूटी के दौरान अचानक सुरक्षा कर्मी आए और उनके साथ बदसलूकी करते हुए धक्के मारकर अस्पताल से बाहर निकाल दिया। उन्होंने बताया कि बिना किसी स्पष्ट कारण के उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया और दोबारा अस्पताल न आने की चेतावनी भी दी गई।

आकाशदीप के अनुसार, वे पिछले 7-8 वर्षों से संस्थान में कार्यरत थे। वहीं, अस्पताल के पीआरओ जगदीश प्रसाद ने भी प्रबंधन पर अपमानजनक व्यवहार का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें ऑफिस में बुलाकर बिना गलती के टर्मिनेट कर दिया। हालांकि, अस्पताल प्रशासन की ओर से आरोप लगाया गया है कि पीआरओ द्वारा मरीजों को अन्य अस्पतालों में भेजा जा रहा था, जिसे जगदीश प्रसाद ने खारिज किया है। धरने पर बैठे कर्मचारियों को स्थानीय सामाजिक संगठनों और किसान नेताओं का समर्थन मिल रहा है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं और निकाले गए कर्मचारियों को बहाल नहीं किया जाता, उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग भी की है। इस मामले में टांटिया ग्रुप के जनरल मैनेजर विकास सचदेवा ने कहा कि जन सेवा हॉस्पिटल में सभी सेवाएं सामान्य रूप से संचालित हैं। उनके अनुसार, बड़े संस्थानों में कभी-कभी कम्युनिकेशन गैप हो सकता है, जिसे दूर किया जा रहा है। गौरतलब है कि इससे पहले भी टांटिया ग्रुप पर विभिन्न मामलों को लेकर सवाल उठते रहे हैं। फिलहाल, इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
