बीकानेर। राजस्थान के सीमावर्ती जिले बीकानेर में सैन्य क्षेत्र के पास 10 फीट लंबी सुरंग मिलने से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। यह सुरंग डूंगर कॉलेज परिसर में बीकानेर कैंट से करीब 250 मीटर की दूरी पर मंगलवार को मिली। मामले की सूचना मिलते ही मिलिट्री इंटेलिजेंस और पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।पुलिस को सुरंग के भीतर से हेडफोन, बिजली के तार और 23 मार्च के अखबार में लिपटी चार रोटियां बरामद हुईं। सुरंग मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने जासूसी की आशंका को देखते हुए दो भाइयों को डिटेन कर पूछताछ शुरू कर दी। जयनारायण व्यास कॉलोनी थानाधिकारी विक्रम तिवाड़ी ने बताया कि डिटेन किए गए युवकों की पहचान अजय मेहरा और विजय मेहरा के रूप में हुई है, जो सार्दुलगंज में पंचशती सर्किल के पास रहते हैं। दोनों भाइयों के पिता का निधन हो चुका है और उनकी मां मानसिक रूप से अस्वस्थ है। दोनों ही शराब के आदी बताए जा रहे हैं और फिलहाल उनके पास रहने के लिए स्थायी घर भी नहीं है।

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि अजय मेहरा ने डूंगर कॉलेज परिसर में करीब 10 फीट लंबा सुरंगनुमा गड्ढा खोद लिया था और वहीं रहने लगा था। उसका इरादा धीरे-धीरे वहां अस्थायी कमरा बनाकर रहने का था। इस दौरान किसी व्यक्ति ने गड्ढे का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया, जिससे जासूसी की आशंका जताई जाने लगी और सुरक्षा एजेंसियों को सूचना दी गई। पुलिस के अनुसार गड्ढे की बनावट और सैन्य क्षेत्र के पास होने के कारण शुरुआत में इसे संदिग्ध माना गया था, लेकिन अब तक की जांच में जासूसी जैसी कोई गतिविधि सामने नहीं आई है। फिलहाल दोनों भाइयों से पूछताछ जारी है। पूछताछ में अजय मेहरा ने बताया कि पहले उनका घर था, लेकिन प्रशासन ने उसे अतिक्रमण बताकर तोड़ दिया था। इसके बाद दोनों भाई पंचशती सर्किल के पास ही रहते थे। करीब एक महीने पहले दोनों के बीच विवाद हो गया, जिसके बाद अजय ने अलग रहने का फैसला किया और डूंगर कॉलेज परिसर में गड्ढा खोदकर अस्थायी घर बनाने की कोशिश करने लगा। अजय ने बताया कि वह दिनभर कबाड़ इकट्ठा करता है और उसे बेचकर मिलने वाले पैसों से भोजन खरीदकर गुजारा करता है। उसने पुलिस को बताया कि उसका जासूसी से कोई संबंध नहीं है और वह केवल रहने के लिए जगह बना रहा था।
