
हनुमानगढ़। बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों से सर्व समाज में रोष व्याप्त है। इसी कड़ी में विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यक युवक दीपू दास की नृशंस हत्या कर उसके शव को जलाने एवं बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों के विरोध में मंगलवार को रोष स्वरूप जंक्शन स्थित शहीद भगत सिंह चौक पर जिहादी आतंकवाद का पुतला जलाया। जिहादी आतंकवाद के पुतले को जलाने से पूर्व पुतले को मुख्य मार्ग पर उसी तरह घसीटा गया। जिस तरह से हिंदू दीपू दास को जलाने से पूर्व सड़कों पर घसीटा गया था। इस मौके पर मौजूद जनसमूह ने एक स्वर में कहा कि चाहे भारत हो या कोई अन्य देश, आज हिंदुओं की विनम्रता और सहनशीलता को उनकी कमजोरी समझकर उसका अनुचित लाभ उठाया जा रहा है। ऐसे में यह आवश्यक है कि जिहादी प्रवृत्ति के व्यक्तियों के खिलाफ हर देश में कठोर एवं प्रभावी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार के अमानवीय कृत्य करने से पहले वे सौ बार सोचने को विवश हों। विश्व हिन्दू परिषद के जिलाध्यक्ष डॉ. निशांत बतरा ने कहा कि एक साल पहले बांग्लादेश में सरकार के पलटे जाने पर वहां पर हिंदुओं पर अत्याचार शुरू हुए। अब दो-तीन दिन पहले जिस तरह निर्दाेष दीपू दास को मारा गया। उसके बाद जिस तरह के नृशंस वीडियो सामने आए, वह वास्तव में दिल दुखाने वाली घटना है। इससे पूरा हिंदू समाज आक्रोशित है। न्याय, मानवता और धर्म की रक्षा के लिए समाज का एकजुट होना आज की आवश्यकता है। उन्होंने मोदी सरकार से मांग की कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार की घटनाओं पर अंकुश लगाया जाए और हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। जिहादी मानसिकता को खत्म करने के लिए जरूरत पड़े तो कड़े से कड़े कदम उठाए जाएं। जनता सरकार के साथ है। इस मौके पर कुलदीप नरुका, मोहन चंगोई, चेतन जिन्दल, सुनील चाहर, सुभाष, प्रवीण सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

