हनुमानगढ़। राजस्थान सहित देश के कई हिस्सों में शादियों के दौरान बिंदौरी की परंपरा निभाई जाती है, जिसमें दूल्हा घोड़ी पर बैठकर शोभायात्रा निकालता है। इसी परंपरा को नया आयाम देते हुए टाउन में एक परिवार ने बेटा-बेटी एक समान का संदेश दिया। टाउन स्थित शीलामाता मंदिर के पास रहने वाले राजकुमार सैनी ने अपनी दो पुत्रियों डिम्पल और वर्षा को घोड़ी पर बिठाकर उनकी बिंदौरी निकाली। इस दौरान दोनों बेटियों के सिर पर साफा बांधकर पूरे उत्साह और धूमधाम से बिंदौरी निकाली गई। बिंदौरी के दौरान बैंड-बाजों की मधुर धुनों पर परिजन और रिश्तेदार नाचते-गाते नजर आए। इस अनूठी पहल को देखने के लिए आसपास के लोग भी एकत्रित हुए और राजकुमार सैनी के इस कदम की सराहना की। राजकुमार सैनी ने कहा कि आज के दौर में बेटियां किसी भी क्षेत्र में बेटों से कम नहीं हैं और समाज से भेदभाव खत्म होना चाहिए। ‘म्हारी छोरियां छोरों से कम नहींÓ के संदेश के साथ उन्होंने अपनी बेटियों को यह सम्मान दिया। डिम्पल और वर्षा का विवाह रविवार, 19 अप्रैल को सम्पन्न होना है।
