हनुमानगढ़। इंडियन पैरा कबड्डी एसोसिएशन एवं पैरा कबड्डी एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में 14 से 16 मार्च तक मेरठ (उत्तर प्रदेश) में आयोजित होने जा रहे प्रथम पैरा कबड्डी नेशनल फेडरेशन कप में राजस्थान की टीम भी हिस्सा लेगी। इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देशभर के आठ राज्यों की टीमें हिस्सा लेंगी। राजस्थान टीम की कमान जयपुर के दीपचंद को सौंपी गई है, जबकि उदयपुर के मनीष को उपकप्तान नियुक्त किया गया है। टीम में कुल 12 खिलाड़ी शामिल हैं, जो राजस्थान का प्रतिनिधित्व करेंगे। राजस्थान टीम में दीपचंद (जयपुर) कप्तान, मनीष सिंह (उदयपुर) उपकप्तान के अलावा रामावतार (जयपुर), शाहीद अली (अजमेर), रामस्वरूप जाट (अजमेर), भियाराम (बाड़मेर), गुरप्रीत सिंह (हनुमानगढ़), चेतराम (हनुमानगढ़), नरेंद्र सिंह (ब्यावर), लाखन सिंह (भरतपुर), लोकराम (श्रीगंगानगर) और तगाराम (जालौर) शामिल हैं। ये सभी खिलाड़ी राजस्थान का प्रतिनिधित्व करते हुए प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे। शनिवार को टाउन स्थित शहीद स्मारक से टीम खिलाड़ी मेरठ के लिए रवाना हुए। संघ की सचिव संदीप कौर ने बताया कि यह प्रतियोगिता पैरा खिलाड़ियों के लिए अपनी प्रतिभा और खेल कौशल को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर है। वहीं संघ के अध्यक्ष जितेंद्र गुप्ता ने कहा कि विभिन्न राज्यों की टीमें इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेकर शानदार प्रदर्शन करेंगी और मुकाबले बेहद रोमांचक होंगे। इस बार विशेष रूप से राजस्थान की महिला पैरा कबड्डी टीम भी अपना डेब्यू मैच खेलेगी, जो प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। राजस्थान पैरा कबड्डी टीम के इंचार्ज एवं अर्जुन अवॉर्डी खिलाड़ी जगसीर सिंह को इंडियन पैरा कबड्डी एसोसिएशन की ओर से फेडरेशन कप टूर्नामेंट का ऑब्जर्वर नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति प्रदेश के लिए सम्मानजनक उपलब्धि मानी जा रही है। हनुमानगढ़ से टीम के साथ योगेश कुमावत और राजेंद्र सिंह कोच के रूप में उपस्थित रहेंगे। हनुमानगढ़ से टीम मैनेजर योगेश कुमावत ने बताया कि राजस्थान टीम ने जनवरी 2026 में विशाखापट्टनम में आयोजित तृतीय पैरा नेशनल कबड्डी चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया था। इस उपलब्धि से राजस्थान को राष्ट्रीय स्तर पर गौरव प्राप्त हुआ है। राजस्थान टीम ने अपने पिछले सभी प्रमुख मुकाबलों में पदक जीतकर प्रदेश का मान बढ़ाया है। इस बार भी टीम से उत्कृष्ट प्रदर्शन और पदक जीतने की पूरी उम्मीद है। शहीद स्मारक के संस्थापक एडवोकेट शंकर सोनी ने खिलाड़ियों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शहीद स्मारक से खिलाड़ियों को नई ऊर्जा, प्रेरणा और साहस मिलता है।
