
संगरिया। हरिपुरा एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में यूरिया खाद की भारी कमी से किसान गंभीर संकट में हैं। गेहूं की फसल अपने नाजुक दौर में है, लेकिन समय पर यूरिया उपलब्ध नहीं होने के कारण किसान घंटों लाइनों में खड़े रहने को मजबूर हैं और कई बार खाली हाथ लौट रहे हैं। किसानों का कहना है कि कागजों में यूरिया की पर्याप्त आपूर्ति दर्शाई जा रही है, जबकि जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है। खाद वितरण केन्द्रों पर अव्यवस्था, सीमित मात्रा में वितरण और प्रति किसान तय की गई सीमा ने किसानों की परेशानी और बढ़ा दी है। यह स्थिति न केवल किसानों की मेहनत और फसल को नुकसान पहुंचा रही है, बल्कि कृषि व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रही है। समय पर यूरिया नहीं मिलने से उत्पादन प्रभावित होने का खतरा है, जिसकी सीधी मार किसान की आमदनी पर पड़ेगी। किसान नेता बलकौर सिंह ढिल्लों ने राज्य सरकार के कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा से विशेषकर संगरिया व हरिपुरा क्षेत्र के किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में यूरिया खाद उपलब्ध करवाने की मांग की है। उन्होंने प्रशासन एवं राज्य सरकार से मांग की कि संगरिया क्षेत्र में तुरंत पर्याप्त मात्रा में यूरिया खाद की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। प्रति किसान लगाई गई सीमाओं को समाप्त किया जाए। वितरण व्यवस्था को पारदर्शी और सुचारु बनाया जाए, ताकि खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को अच्छे से यूरिया खाद देकर उस फसल का अच्छा उत्पादन किसान ले सके।
