-सरकार विकास में विफल, किसान परेशान: जींद में दुष्यंत चौटाला का बड़ा हमला
जींद। हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने शनिवार को जींद जिले के उचाना हलके के करसिंधु गांव में आयोजित कार्यक्रम के दौरान केंद्र और प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि देश की मौजूदा स्थिति चिंताजनक है और सरकार कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सही तैयारी करने में विफल रही है। चौटाला ने कहा कि हाल ही में प्रधानमंत्री की मुख्यमंत्रियों के साथ हुई बैठक में देश में आपातकाल जैसी स्थिति न होने की बात कही गई थी, लेकिन जमीनी हालात कुछ और ही संकेत दे रहे हैं। उन्होंने पेट्रोल और डीजल पर वैट में 10 रुपये की कटौती के फैसले को भी राजनीतिक कदम बताते हुए कहा कि यह फैसला पेट्रोलियम कंपनियों के नुकसान की भरपाई के लिए लिया गया है। उनका दावा है कि पश्चिम बंगाल में चुनाव समाप्त होने के बाद केंद्र सरकार एक बार फिर ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी कर सकती है, जिससे आम जनता पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। पूर्व डिप्टी सीएम ने कहा कि देश को पेट्रोलियम गैस और क्रूड ऑयल की अपेक्षित आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। सरकार के पास न तो पर्याप्त स्टॉक है और न ही पहले से ठोस रणनीति तैयार की गई थी। इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के मंत्री बिजली और पेट्रोलियम से जुड़े मामलों पर लगातार बैठकें कर रहे हैं और राज्यों के प्रतिनिधियों को बुलाया जा रहा है, जो इस बात का संकेत है कि हालात सामान्य नहीं हैं। राज्यसभा चुनाव के मुद्दे पर भी चौटाला ने भाजपा और कांग्रेस दोनों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इन चुनावों में लोकतंत्र से ज्यादा मनीतंत्र का प्रभाव देखने को मिला है। उनका आरोप है कि कई जगह विधायकों की खरीद-फरोख्त की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर होती दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि सत्ता के लिए जिस तरह की राजनीतिक चालें चली जा रही हैं, उससे लोकतंत्र की मूल भावना को नुकसान पहुंच रहा है। इनेलो द्वारा राज्यसभा चुनाव में वोट नहीं डालने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि मतदान करना हर जनप्रतिनिधि का अधिकार और जिम्मेदारी है। चुनाव से दूरी बनाना राजनीतिक मिलीभगत का संकेत देता है। किसानों के मुद्दे पर बोलते हुए चौटाला ने कहा कि सरकार ने सरसों की खरीद शुरू करने की घोषणा तो कर दी है, लेकिन मंडियों में अभी तक पर्याप्त बारदाना उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि कई मंडियों में टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है और जिला मुख्यालयों तक पर्याप्त मात्रा में बारदाना नहीं पहुंच पाया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते तैयारी नहीं हुई तो इसका सबसे ज्यादा नुकसान किसानों को उठाना पड़ेगा। तापमान बढ़ने के कारण फसल खराब होने की आशंका भी बढ़ रही है। चौटाला ने कहा कि सरकार किसानों पर नए-नए नियम लागू कर रही है, जिससे उनकी परेशानियां और बढ़ रही हैं। प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार विकास के मामले में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार को अपनी उपलब्धियां गिनाने के बजाय जमीन पर काम दिखाना चाहिए। उनके अनुसार उचाना और जींद क्षेत्र के लिए कोई बड़ा नया कदम नहीं उठाया गया है।
