श्रीगंगानगर। श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ लोकसभा क्षेत्र के सांसद कुलदीप इंदौरा ने संसद के प्रश्नकाल के दौरान ऐतिहासिक कालीबंगा स्थल के संरक्षण और विकास का मुद्दा उठाते हुए केंद्र सरकार की उदासीनता पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि विश्व प्रसिद्ध सिंधु घाटी सभ्यता से जुड़े इस महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थल के विकास के लिए सरकार की ओर से कोई ठोस और व्यापक योजना नजर नहीं आ रही है। सांसद इंदौरा ने कहा कि कालीबंगा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान रखने वाला एक महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थल है, जहां पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। इसके बावजूद इसके विकास के लिए पर्याप्त बजट और योजनाएं नहीं बनाई जा रही हैं। उन्होंने संसद में सरकार के जवाब का हवाला देते हुए बताया कि पिछले तीन वर्षों में कालीबंगा के विकास के नाम पर बेहद कम राशि खर्च की गई है। वर्ष 2022-23 में लगभग 35 लाख रुपये, 2023-24 में केवल 6.90 लाख रुपये और 2024-25 में करीब 31.63 लाख रुपये ही खर्च किए गए। सांसद ने कहा कि इतने सीमित बजट में इस ऐतिहासिक स्थल का समुचित विकास संभव नहीं है। इंदौरा ने कहा कि एक ओर सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर इतने महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थल की लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पास कालीबंगा को वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए न तो स्पष्ट विजन है और न ही कोई गंभीर पहल दिखाई दे रही है। सांसद ने कहा कि कालीबंगा जैसे ऐतिहासिक स्थल का उचित विकास न होने से क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान प्रभावित हो रही है और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार तथा आर्थिक अवसर भी सीमित हो रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि कालीबंगा के समग्र विकास के लिए विस्तृत मास्टर प्लान तैयार किया जाए, पर्याप्त बजट आवंटित किया जाए और इसे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए। सांसद ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस दिशा में जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो यह देश की ऐतिहासिक धरोहर के साथ अन्याय होगा।
