ऐलनाबाद। इंडियन नेशनल लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने प्रदेश की मंडियों में किसानों को आ रही समस्याओं के समाधान के लिए ‘किसान कष्ट निवारण केंद्र’ खोलने का अपना वादा पूरा कर दिया है। पार्टी की ओर से प्रदेश की विभिन्न मंडियों में ये केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां किसानों की फसल बेचने से जुड़ी परेशानियों का तुरंत समाधान करने की व्यवस्था की गई है। इन केंद्रों पर इंडियन नेशनल लोकदल के जिला अध्यक्षों और वरिष्ठ पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि मंडियों में आने वाले किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े।

हाल के समय में सरकार द्वारा लागू किए गए बायोमेट्रिक सत्यापन, ट्रैक्टर-ट्रॉली पर नंबर प्लेट अनिवार्यता और अन्य शर्तों के कारण किसान काफी परेशान हो रहे हैं। इन समस्याओं को देखते हुए इनेलो ने मंडियों में यह विशेष व्यवस्था शुरू की है। किसान कष्ट निवारण केंद्र खुलने के बाद बड़ी संख्या में किसान अपनी समस्याएं लेकर वहां पहुंच रहे हैं। पार्टी पदाधिकारी किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर उनका समाधान करवाने का प्रयास कर रहे हैं। मंडियों में किसानों के साथ हो रहे शोषण और अव्यवस्थाओं के खिलाफ इनेलो द्वारा उठाए गए इस कदम को किसानों की ओर से भी काफी सराहना मिल रही है। पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने विभिन्न मंडियों में पहुंचकर इन केंद्रों का निरीक्षण किया और किसानों से सीधे संवाद कर उनकी परेशानियों को सुना। इस दौरान इनेलो के राष्ट्रीय संरक्षक सम्पत सिंह, प्रदेश अध्यक्ष रामपाल माजरा, पूर्व मंत्री एवं पीएसी चेयरमैन वासुदेव शर्मा, पूर्व विधायक राधेश्याम शर्मा, पूर्व विधायक भरत सिंह छोकर, विधायक आदित्य देवीलाल, विधायक अर्जुन चौटाला, महिला प्रदेश प्रभारी सुनैना चौटाला और प्रदेश प्रधान महासचिव गौरव सम्पत सिंह ने अलग-अलग मंडियों का दौरा कर केंद्रों की कार्यप्रणाली का जायजा लिया।

नेताओं ने कहा कि किसानों की परेशानियों को समझते हुए किसी राजनीतिक दल द्वारा इस प्रकार की पहल पहली बार की गई है। इसका उद्देश्य किसानों को उनकी फसल बेचने के दौरान आने वाली तकनीकी और प्रशासनिक दिक्कतों से राहत दिलाना है इनेलो नेताओं ने हाल ही में प्रदेश के कई हिस्सों में हुई ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को हुए भारी नुकसान का भी मुद्दा उठाया। पार्टी ने सरकार से मांग की है कि प्रभावित किसानों के लिए तुरंत विशेष गिरदावरी करवाई जाए और उन्हें प्रति एकड़ 50 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाए, ताकि किसानों को आर्थिक राहत मिल सके। पार्टी नेताओं का कहना है कि किसान कष्ट निवारण केंद्रों के माध्यम से किसानों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर किसानों के हितों की रक्षा की जाएगी। इनेलो का दावा है कि इस पहल से मंडियों में किसानों को काफी राहत मिलेगी और उनकी फसल बेचने की प्रक्रिया अधिक सुगम बन सकेगी।
संवाददाता- रमेश भार्गव
