जयपुर। प्रदेश में खाद्य सुरक्षा को लेकर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के फूड सेफ्टी विंग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 17 अलग-अलग ब्रांड के खाद्य उत्पादों की बिक्री और डिस्प्ले पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। यह प्रतिबंध आगामी दो माह तक लागू रहेगा। प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ के अनुसार, अप्रैल 2026 में राज्यभर के विभिन्न जिलों से लिए गए खाद्य पदार्थों के सैंपल जांच में अनसेफ पाए गए। रिपोर्ट आने के बाद विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए संबंधित उत्पादों पर प्रतिबंध के आदेश जारी किए हैं। प्रतिबंधित उत्पादों में देशी घी के कई ब्रांडों के अलावा चाय, हल्दी, नमकीन, रोस्टेड चना और कंफेक्शनरी आइटम शामिल हैं। खास बात यह है कि सबसे ज्यादा घी के ब्रांड इस कार्रवाई की जद में आए हैं, जो उपभोक्ताओं की सेहत के लिए खतरा माने गए हैं। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि जिन उत्पादों का निर्माण अन्य राज्यों में हो रहा है, उनके खिलाफ संबंधित राज्यों के खाद्य सुरक्षा विभागों को भी कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया है। प्रतिबंधित उत्पादों में ‘युवराज बीकानेर’ के नाम से बिकने वाली केसर बाटी, ‘बंगाल गोल्ड’ चाय, ‘नगद नारायण’ टॉफी, ‘श्री साई मसालेवाला’ हल्दी, ‘बालाजी’ नमकीन और ‘स्नेक टेक’ रोस्टेड चना प्रमुख हैं। इसके अलावा ‘श्री डेयरी प्रीत’, ‘हरियाणा फॉर्म’, ‘श्री डेयरी ब्राइट’, ‘धेनु सरस’, ‘ईजी डेयरी’, ‘भोग विनायक’, ‘हरियाणा क्रीम’, ‘श्री भैरव सरस’, ‘जय श्री कृष्णा’ और ‘डेयरी पंजाब’ जैसे घी ब्रांड भी प्रतिबंधित सूची में शामिल हैं। फूड सेफ्टी विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे इन उत्पादों की खरीदारी से बचें और किसी भी संदिग्ध खाद्य सामग्री की सूचना तुरंत विभाग को दें।
