अनूपपुर। मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले के कोतमा बस स्टैंड के पास स्थित अग्रवाल लॉज की तीन मंजिला इमारत ढहने के मामले में मृतकों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। रविवार सुबह करीब 11 बजे मलबे से एक महिला का शव बरामद किया गया। हालांकि अब तक उसकी पहचान नहीं हो पाई है। इससे पहले हादसे में हनुमान दीन यादव (55) और उनके साले राम कृपाल यादव (40) की मौत हो चुकी थी, जबकि तीन अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं। शनिवार शाम हुए इस हादसे के करीब 19 घंटे बाद भी राहत और बचाव कार्य जारी है। मौके पर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमों समेत 100 से अधिक लोग मलबा हटाने में लगे हुए हैं।

मलबे में किसी और के फंसे होने की आशंका को देखते हुए सर्च ऑपरेशन लगातार चलाया जा रहा है। इसके लिए भिलाई और वाराणसी से भी अतिरिक्त रेस्क्यू टीमें बुलाई गई हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इमारत अचानक एक ओर झुककर गड्ढे की तरफ गिर गई। शुरुआती जांच में सामने आया है कि लॉज के पास निर्माण कार्य के लिए करीब 12 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया था। बताया जा रहा है कि गड्ढे में पानी भर जाने से इमारत की नींव कमजोर हो गई होगी, जिसके कारण यह हादसा हुआ। मामले में अनूपपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कोतमा थाने में जमीन के मालिक राजीव गर्ग और लॉज मालिक लल्लू लाल अग्रवाल के खिलाफ केस दर्ज किया है।

पुलिस अधीक्षक मोतिउर रहमान ने बताया कि दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 290 और 106 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। उधर, इमारत के निर्माण की अनुमति को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। नगर पालिका प्रशासन का कहना है कि लॉज के निर्माण से संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है। दस्तावेजों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि निर्माण वैध था या नहीं। जिले के कलेक्टर हर्षल पंचोली ने घटना पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को सरकार की ओर से 9-9 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। वहीं घायलों को ढाई-ढाई लाख रुपए की मदद दी जाएगी। प्रशासन ने कहा है कि हादसे की विस्तृत जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
