हनुमानगढ़। जिले में आपदा प्रबंधन एवं नागरिक सुरक्षा की तैयारियों को परखने के उद्देश्य से शुक्रवार को हनुमानगढ़ जंक्शन बस स्टैंड पर व्यापक स्तर पर मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास में धमाके और आगजनी जैसी आपात स्थिति का सजीव परिदृश्य तैयार कर विभिन्न विभागों की तत्परता, समन्वय और प्रतिक्रिया समय का परीक्षण किया गया। मॉकड्रिल ने यह स्पष्ट किया कि आपदा की स्थिति में जिले की एजेंसियां कितनी तेजी और प्रभावी ढंग से कार्य कर सकती हैं।

दोपहर करीब 4:15 बजे जंक्शन बस स्टैंड पर अचानक धमाके और आग लगने की सूचना प्रसारित होते ही प्रशासनिक और सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आ गईं। घटनास्थल पर तुरंत फायर ब्रिगेड, पुलिस, चिकित्सा विभाग, होमगार्ड, सिविल डिफेंस और एसडीआरएफ की टीमें पहुंचीं। पूरे क्षेत्र को घेरकर सुरक्षा घेरा बनाया गया और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।

रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान फायर ब्रिगेड की टीम ने तेजी से आग पर काबू पाया, जबकि पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करते हुए आमजन को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। मॉकड्रिल के तहत बच्चों, महिलाओं और पुरुषों सहित कई लोगों को घायल दर्शाया गया, जिन्हें मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। गंभीर रूप से घायल सात व्यक्तियों को एंबुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सा टीम पहले से ही अलर्ट मोड पर तैनात थी।

इस दौरान रोडवेज विभाग ने भी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए यात्रियों के लिए वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित की, जिससे आवागमन बाधित न हो। लगभग 45 मिनट तक चले इस मॉकड्रिल में सभी विभागों ने अनुशासन, समन्वय और पेशेवर दक्षता का प्रदर्शन किया। मौके पर जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव और पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीणा ने पहुंचकर पूरे ऑपरेशन का जायजा लिया। अधिकारियों ने विभिन्न टीमों की कार्यप्रणाली का निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। इस दौरान अतिरिक्त जिला कलेक्टर उम्मेदी लाल मीना, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविंद, एसडीएम मांगीलाल, सीओ सिटी मीनाक्षी सहित कई प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव ने मॉकड्रिल को सफल बताते हुए कहा कि इस प्रकार के पूर्वाभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और प्रतिक्रिया समय को प्रभावी बनाना है। उन्होंने कहा कि सभी विभागों ने संगठित और अनुशासित ढंग से कार्य किया, जो संतोषजनक रहा। साथ ही उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि आपदा की स्थिति में घबराने के बजाय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और सहयोग करें।

पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीणा ने भी इस मॉकड्रिल को उपयोगी बताते हुए कहा कि ऐसे अभ्यास से सुरक्षा एजेंसियों को अपनी कमियों को पहचानने और उन्हें सुधारने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस तरह के आयोजन किए जाएंगे ताकि किसी भी वास्तविक आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

मॉकड्रिल के माध्यम से न केवल विभागीय समन्वय की परीक्षा हुई, बल्कि आमजन में भी आपदा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया। यह अभ्यास इस बात का संकेत है कि प्रशासन संभावित खतरों से निपटने के लिए पूरी तरह सजग और तैयार है।
